अखाड़ों की तर्ज पर व्यापारियों को भी दी जाए आर्थिक सहायता, लंबे समय से मदद की मांग कर रहे व्यापारी, गुस्साए व्यापारियों ने साधु वेश में किया सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

हरिद्वार । अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले के लिए प्रत्येक अखाड़े को एक-एक करोड़ रूपए दिए जाने की प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद हरिद्वार के व्यापारियों ने साधु वेश धारण भीख मांगी व सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि जब सरकार अखाड़ों की मदद कर रही है तो लाॅकडाउन के चलते व्यापार पूरी तरह ठप्प होने के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे व्यापारियों को भी आर्थिक सहायता दी जाए। श्री गुरु गोरक्षनाथ व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष संजय त्रिवाल ने कहा कि सरकार को सभी के प्रति सामान दृष्टिकारण रखना चाहिए। पहले तीन माह ट्रेन नहीं चलने व अब कोरोना के चलते व्यापार नहीं होने के कारण व्यापारियों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। हरिद्वार का पूरा व्यापार यात्रियों पर निर्भर है। यात्रियों के नहीं आने से बाजारों में सन्नाटा छाया हुआ है। व्यापारी न तो घर का खर्च चला पा रहे हैं न ही स्कूलों की फीस, बिजली पानी के बिल जमा करा पा रहे हैं। यदि सरकार मांगे नहीं मानती है तो न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के जिला उपाध्यक्ष नीरज सिंघल ने कहा कि व्यापारी हमेशा ही सरकार का सहयोग करता रहा है। हरिद्वार का व्यापारी टैक्स के रूप में सबसे अधिक राजस्व सरकार को देता है। उन्होंने सरकार से व्यापारियों को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग करते हुए अखाड़ों की तरह ही व्यापारियों को भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाए। जिससे विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे व्यापारियों को राहत मिल सके। कोरोना काल में सरकार ने गरीब मजदूरों को आर्थिक सहायता दी। अब अखाड़ों को भी एक एक करोड़ रूपए की सहायत देने की घोषणा की है। ऐसे में लंबे समय से मदद की मांग कर रहे व्यापारियों की अपेक्षाएं भी बढ़ गयी हैं। सरकार को व्यापारियों की भी मदद करनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन करने वालों में राहुल शर्मा, विशाल गोस्वामी, अमन त्रिवाल, विशाल महेश्वरी, पवन सुखिजा, गगन गुगलानी, राजेश अग्रवाल, दिनेश कुकरेजा, अजय रावल, मुन्ना, सूरज, दिनेश साहू, राजीव बक्शी, मनोज विशनोई, सागर सक्सेना, विनय सिंघल, राजेश अग्रवाल, ऋषभ गोयल, रवि वेदी, विशाल महेश्वरी, सचिन त्रिवाल, अंकुर सक्सेना आदि शामिल रहे।

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