उत्तराखण्ड पत्रकार संघ द्वारा आयोजित हुआ फूलों की होली समारोह, मुख्य अतिथि स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा उत्सवों का देश है भारत

हरिद्वार । श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि भारत उत्सवों का देश है। भारत में मनाया जाने वाला प्रत्येक पर्व एक संदेश देता है। रंगों व उल्लास का पर्व होली आत्मीयता और प्रेम का संदेश देने वाला पर्व है। उत्तराखण्ड पत्रकार संघ द्वारा आयोजित फूलों की होली समारोह को संबोधित करते हुए म.म.स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि होली का पर्व देश में मनाये जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है। सभी भारतवासी होली का पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं। इस दिन सभी लोग अपने सारे गिले, शिकवे भुला कर एक दुसरे को गले लगाते हैं। होली के रंग सभी को आपस में जोड़ते है। जिससे रिश्तों में प्रेम और अपनत्व का रंग और गहरा हो जाता है। म.म.स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने कहा कि फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली रंगों व उल्लास का ही पर्व नहीं है। होली भक्ति की शक्ति का संदेश भी समाज को देती है। भक्त प्रह्लाद की भक्ति की शक्ति ही थी कि होली की अग्नि भी उन्हें जला नहीं सकी। जबकि अग्नि से कभी नहीं जलने का वरदान प्राप्त होलिका भस्म हो गयी। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि राग-रंग का लोकप्रिय पर्व होली वसंत का संदेशवाहक भी है। राग अर्थात संगीत और रंग तो इसके प्रमुख अंग हैं ही, पर इनको उत्कर्ष तक पहुँचाने वाली प्रकृति भी इस समय रंग-बिरंगे यौवन के साथ अपनी चरम अवस्था पर होती है। फाल्गुन माह में मनाए जाने के कारण इसे फाल्गुनी भी कहते हैं। उत्तराखण्ड पत्रकार संघ के अध्यक्ष राकेश वालिया ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का जो महत्व प्राचीन काल में था, आज भी वही है। फागुन मास में बौराये आमों की तुर्श गंध और फूलते पलाश के पेडों के साथ तन मन आज भी बौरा जाता है। आज भी होली रूप रस गंध का त्यौहार है। होली उत्साह, उमंग और प्रेम लेकर आती है। होली सारे अलगाव और कटुता अपनी रंग भरी धाराओं से धो जाती है। इस रंगमय त्यौहार की महत्ता हमेशा रहेगी। महामंत्री सारिका प्रधान ने कहा कि उत्तराखण्ड पत्रकार संघ अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को संदेश देने का कार्य भी कर रहा है। प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाने वाला फूलों की होली समारोह भाईचारा व सद्भाव मजबूत करने का माध्यम बन गया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली ने कहा कि रंगों और उमंगों के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार होली ऐसा पर्व है जो दिलों को जोड़ता है। पूरी दुनिया में भारत एक मात्र ऐसा देश है। जो अपने आप में व्यापक विविधता समेटे हुए है। यहां मनाए जाने वाले त्यौहार देश की पहचान हैं जो हमें एक दूसरे को समीप लाने का काम करते हैं। भारत में सभी धर्म समुदाय के लोग आपस में मिलकर त्यौहार मनाते हैं। जिससे एकता, भाईचारा मजबूत होता है। व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि रंग और संगीत चोली दामन की तरह एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। उनका असर मन पर कैसे होता है। यह होली के त्योहार में दिखाई देता है। मन की खुशी, प्रेम, उमंग, तरंग इन सब भावों को होली अभिव्यक्त करती है। होली के दिन लोग अपने मन के दुख और द्वेष भाव को मिटाकर रंगों की दुनिया में अपने आप को डुबो लेते हैं। चारों तरफ खुशी, प्यार और अपनेपन का एक अलग वातावरण बन जाता हैं। रंग मन के भावों को अभिव्यक्त करते हैं। कार्यक्रम के दौरान कौशिक आर्ट क्रिएशन के बाल कलाकारों द्वारा होली के गीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ शांतिकुंज की टोली द्वारा भजनों की प्रस्तुति से हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कवि रमेश रमन ने किया। कार्यक्रम में पधारे सभी संतों व अतिथीयों का प्रदेश महामंत्री सारिका प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत चैधरी, प्रदेश सचिव विक्की सैनी ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी राधाकांताचार्य, समाजसेवी विशाल गर्ग, मनोज कश्यप, मोहन राजा, अनिल बिष्ट, नरेंद्र प्रधान, सनोज कश्यप, मुमताल आलम, योगेश शर्मा, फकीरा खान, अमरीश कुमार, योगेश पाण्डे, राजेश कुमार, अनिल कक्कड़, नरेश शर्मा, रमणीक सिंह, भावना रावत, मंजू कश्यप, आशा वालिया, रंजना वालिया, हिमांशु वालिया आदि सहित बड़ी संख्या में लोग उपसथित रहे।

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