हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी भू-कानून बनाएं सरकार, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति ने जेएम कार्यालय पर दिया धरना, 8 अगस्त को राजधानी करेंगे कूच

रुड़की । हिमाचल की तर्ज पर भू कानून एवं अन्य मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति ने ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना दिया। इसके साथ ही अब वह 8 अगस्त को देहरादून कूच करेंगे। तहसील परिसर स्थित जेएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी एवं उत्तराखंड की जनता से आह्वान किया है कि अगर उत्तराखंड को बचाना है तो उत्तराखंड में हिमाचल प्रदेश की तरह भू कानून लाना होगा। उन्होंने कहा इसके साथ ही आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10%क्षैतीज आरक्षण,राज्य आन्दोलनकारियों का चिन्हीकरण करण,एक समान पेंशन,समूह ग तक की सेवाओं में केवल उत्तराखंड के निवासियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति, स्थानीय उद्योगों में स्थानीय बेरोजगारों को 80%रोजगार, राज्य आंदोलनकारियों को राज्य सेनानी सम्मान एवं आश्रितों को पेंशन, राज्य आंदोलनकारियों के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि आदि मांगों को लेकर एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। इसके साथ ही 8अगस्त को उत्तराखंड के सभी राज्य आंदोलनकारी संगठनों द्वारा देहरादून कूच किया जाएगा। वहीं कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष रश्मि चौधरी ने धरने को सर्मथन दिया। आंदोलन करने वालों में जितेंद्र, भगत सिंह रौथान, राजेंद्र सिंह, प्रेम दत्त गोदियाल, प्रकाश चंद्र ध्यानी, पंकज सिंघल, कविता रावत पर्वती, रावत उमा नेगी,प्रभा मंजिला, जागृति रौतेला, अमृता खनस्यली, शशि चमोला, मंगला रौतेला,आशा नेगी, शर्मिला कंडारी, सत्यभामा जुगराज, राजेश्वरी गोसांई, शशि, रामेश्वरी, भागुली देवी रावत ,सुरमा देवी, लीला देवी ,जसोदा उनियाल, सरस्वती रावल, सितंबरी नेगी, दर्शना देवी पालीवाल,विमला नेगी, सरोजनी देवी बड़थ्वाल, जसोदा बलूनी,सुबोधा पुंडीर ,प्रभा नौटियाल ,जीवानंद बुडकोटी, प्रेम सिंह रावत, संजय पाल ,विमला देवी ,भुवनेश्वरी बैठियाल, आदि आंदोलनकारी शामिल रहे।

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