बच्चों को किसी भी परिस्थिति में न घबराना चाहिए और न ही उनका आत्मविश्वास डगमगाना चाहिए, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो में वेबीनार का आयोजन

रुड़की । आज केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 रुड़की की ओर से प्रख्यात कैरियर काउंसलर एवं मार्गदर्शक डॉ विवेक जैन के साथ कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों तथा विद्यालय शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए एक वेबीनार का आयोजन किया गया । इस वेबीनार के मुख्य वक्ता डॉक्टर विवेक जैन ने लगभग 2 घंटे के इंटरएक्टिव सेशन में बच्चों को वर्तमान कोविड-19 संक्रमण काल में किस प्रकार से ऑनलाइन एजुकेशन का उपयोग करना चाहिए एवं किस प्रकार से उन्हें अपने अध्ययन की ओर ध्यान देना चाहिए तथा क्या सावधानियां बरतनी चाहिए सहित कई बिंदुओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया । उन्होंने बताया कि बच्चों को किसी भी परिस्थिति में न घबराना चाहिए और न ही उनका आत्मविश्वास डगमगाना चाहिए । डॉक्टर जैन ने विद्यार्थियों से आशावादी बनने , ‘एक्सेप्ट अडेप्ट एवं मोल्ड’ के सिद्धांत पर चलने आह्वान किया तथा कहा कि पढ़ने के लिए अनेक प्रकार की प्रविधियों का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से ‘वार्क’ (VARK) यानी विजुअल, ऑडियो, रीडिंग राइटिंग एवं शारीरिक प्रक्रिया द्वारा सीखने पर बल दिया । उन्होंने कॉर्नेल मेथड तथा पोमोडोल प्रविधि पर भी प्रकाश डाला।
डॉक्टर जैन ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि अध्ययन के दौरान उन्हें अपने बैठने के आसन तथा शांत चित्त रहने अपनी पुस्तकों एवं अन्य संसाधनों को अच्छे से सहेजने ,परिवार के सदस्यों से सामंजस्य बिठाने ,पढ़ने एवं खेलने में संतुलन बनाने तथा अध्ययन के दौरान होने वाले ध्यान को बांटने वाली दूसरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी । उन्होंने कहा कि मोबाइल का प्रयोग भी विद्यार्थियों को अपने अध्ययन के लिए उद्देश्य केंद्रित होकर ही करना चाहिए ऑनलाइन शिक्षा के दौरान आने वाली विभिन्न कठिनाइयों एवं समस्याओं के बारे में प्रश्न पूछे जाने पर डॉक्टर जैन ने कहा कि भारत में साधनों से ज्यादा साधना पर बल दिया गया है इसलिए इन छोटी मोटी कठिनाइयों से पार पाते हुए अपना ध्यान अध्ययन पर केंद्रित करना चाहिए तथा अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को भी उपेक्षित नहीं करना चाहिए। इस वेबीनार के सह आयोजक केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य अरविंद कुमार ने भी डॉ जैन को विद्यार्थियों की उत्कंठा को शांत करने के लिए धन्यवाद दिया तथा उन्होंने स्वयं भी रसायन विज्ञान का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से अपने आप को परिस्थितियों को स्वीकार करने एवं उनसे सामंजस्य बैठाने का आह्वान करते हुए अपने अध्ययन पर अधिक से अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए तकनीकी का समुचित प्रयोग करने का आह्वान किया। वेबीनार के प्रारंभ में विद्यालय के शिक्षक घनश्याम बादल ने डॉ विवेक जैन का परिचय कराते हुए बताया कि डॉक्टर जैन न केवल भारत अपितु अमेरिका व सिंगापुर सहित दूसरे ‌देशों से भी कई उपाधियां एवं पुरस्कार प्राप्त जाने-माने काउंसलर हैं। वेबीनार मे विद्यालय के 100 से अधिक छात्रों एवं शिक्षक, शिक्षिकाओं ने भाग लिया तथा बंगलुरु से सुचित्रा तथा अनिल महाराज जैसे कई विशेषज्ञों ने भी भाग लिया ।

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