सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2 रानीपुर में ‘हरेला सप्ताह’ के अंतर्गत एक विशेष भाषण प्रतियोगिता का आयोजन, छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक ‘हरेला पर्व’ के महत्व पर अपने विचार साझा किए
हरिद्वार। सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2 बीईएल (भेल), रानीपुर, हरिद्वार में ‘हरेला सप्ताह’ के अंतर्गत एक विशेष भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक ‘हरेला पर्व’ के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
पर्यावरण के प्रति युवा पीढ़ी की जागरूकता
प्रतियोगिता के दौरान नन्हे वक्ताओं ने हरेला पर्व की परंपरा और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं ने वृक्षारोपण और पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों पर ज़ोर देते हुए बताया कि किस प्रकार प्रकृति का संरक्षण कर हम पृथ्वी को आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।
प्रधानाचार्य का संदेश: वृक्षारोपण के साथ पोषण भी अनिवार्य
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अन्थवाल ने सभी प्रतिभागियों के विचारों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, “वृक्षारोपण करना मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी एक ज़िम्मेदारी है। हमें केवल पौधे ही नहीं लगाने हैं, बल्कि उन्हें तब तक पूर्ण रूप से पोषित करना है जब तक वे एक विशाल और फलदायी वृक्ष का रूप न ले लें।”
उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण के प्रति यह जागरूकता ही भविष्य में हमारे और हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने सभी छात्रों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प भी दिलाया।


