आवश्यक दस्तावेज एंव स्कूल फीस जमा कराये बिना स्कूल जारी नहीं करेंगें टी०सी० व अन्य प्रमाण पत्र: अध्यक्ष डॉ० जीशान अली, खण्ड शिक्षा अधिकारी ने प्रतिभाग करके दी सहमति
भगवानपुर । प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन हरिद्वार द्वारा पूर्व सूचना के अनुसार माउण्ट लिटरा जी स्कूल भगवानपुर में आयोजित की गई बैठक में संगठन के अध्यक्ष डॉ० जीशान अली ने कहा कि यदि कोई अभिभावक प्रवेश के समय आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कराता है अथवा मासिक शुल्क एंव अन्य प्रभार जमा नहीं करता है तो उसके बच्चे की टी० सी० व अन्य प्रमाण पत्र जारी नहीं किये जायेंगे।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन हरिद्वार की इस बैठक में खण्ड शिक्षा अधिकारी भगवानपुर ने प्रतिभाग किया और एसोसिएशन की मांग को वैधानिक बताते हुए अपनी सहमति दी। उपाध्यक्ष सुभाष कुमार जी ने कहा कि प्राइवेट स्कूल राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रहे है और उन्हें अपनी सेवाओं के लिए प्रतिफल मिलना चाहिए। महासचिव विवेक त्यागी ने कहा कि अभिभावक फीस जमा कराने का पहले वायदा करते है और वर्ष के अन्त में शिकायत करते है कि उनसे अवैध वसूली की जा रही है इस प्रकार की गुण्डागर्दी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
सचिव डॉ० संजय कुमार ने कहा कि स्कूलों के खिलाफ किसी भी अभिभावक की शिकायत आने पर स्कूलों के विरूद्ध पत्र निकालने का शिक्षा विभाग को कोई अधिकार नहीं है क्योंकि स्कूलों के पक्ष को सुनकर ही निस्तारण करना चाहिए। महामंत्री अनिल सैनी ने कहा कि सी० एम० पोर्टल पर झूठी शिकायत करने वालो के विरूद्ध एसोसिएशन वैधानिक कार्यवाही करेगा। अमित कुमार प्रबंधक बाल विद्या मंदिर रूहालकी दयालपुर ने कहा कि जो प्राइवेट स्कूल बिना टी० सी० व अन्य दस्तावेजों के प्रवेश देगा उसके विरूद्ध शिकायत की जायेगी। इस अवसर पर खण्ड विकास भगवानपुर के खण्ड शिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने सूझ-बूझा का परिचय देते हुए स्कूलों द्वारा की जा रही वैधानिक प्रस्तावों का समर्थन किया और बैठक में उपस्थित समस्त बी० आर० सी० और सी० आर० सी० को स्कूलों का सहयोग करने का आदेश दिया। इस बैठक में मंत्री प्रवेश कुमार, कोषाध्यक्ष अजीत कुमार, एंव प्रवक्ता शमशाद अली ने भी अपने विचार प्रकट किये। इस बैठक में मनोज कुमार, अशोक कुमार, अरविन्द कुमार, मेनका चौहान, अनीस सैनी, विशाल कुमार, इंतेशाम त्यागी, अमित गौतम, पंकज मेहरवाल, गुरदीप कुमार, साजिद, नौशाद, विजेन्द्र पाल, कँवरपाल, आदि प्रबंधकों एंव प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग करके अपने अधिकारों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई।

