ज्योतिष गुरुकुलम में भव्य कलश यात्रा के साथ आज से श्री शिव महापुराण कथा का हुआ शुभारंभ

रुड़की। श्रावण मास के पावन अवसर पर ज्योतिष गुरुकुलम, पुरानी तहसील स्थित आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज के सानिध्य में श्रीशिव महापुराण कथा का शुभारंभ श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया।कथा के शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई,जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि शिव पुराण केवल कथा नहीं,बल्कि भगवान शिव की भक्ति,धर्म,सदाचार,त्याग और आत्मकल्याण का मार्गदर्शन देने वाला पवित्र ग्रंथ है।

शिव महापुराण की कथा का श्रवण करने से मन में भक्ति,श्रद्धा और सकारात्मक भावों का संचार होता है तथा व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।उन्होंने कहा कि भगवान शिव की सच्ची भक्ति मनुष्य को आंतरिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है।श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव आराधना करने से भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करता है।शिव भक्ति का मूल भाव सेवा,संयम,करुणा और सदाचार है।

आचार्य जी महाराज ने बताया कि सनातन परंपरा में गंगाजल को अत्यंत पवित्र माना गया है।भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करना श्रद्धा,शुद्धता और समर्पण का प्रतीक है।भक्त की मान्यता है कि शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने से मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक रूप से शुद्धि का भाव उत्पन्न होता है।रोगों के संबंध में इसे श्रद्धा-आधारित धार्मिक उपाय के रूप में देखा जाता है।कलश यात्रा का धार्मिक महत्व हुए उन्होंने कहा कि कलश यात्रा सनातन धर्म में मंगल,पवित्रता और देव आह्वान का प्रतीक मानी जाती है।कलश में जल,आम्रपल्लव,नारियल आदि स्थापित करके श्रद्धालु भगवान एवं देवी-देवताओं का आह्वान करते हैं।कथा स्थल तक कलश यात्रा निकालने का उद्देश्य वातावरण को भक्तिमय बनाना और धार्मिक आयोजन का मंगलारंभ करना है।कलश को पूर्णता,समृद्धि,जीवनदायिनी शक्ति और शुभता का प्रतीक माना जाता है।महिलाओं एवं श्रद्धालुओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर निकाली गई यात्रा में भगवान शिव के जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे श्रीशिव महापुराण कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण करें,भगवान शिव की आराधना करें और सनातन संस्कृति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं।कथा के माध्यम से शिव तत्व,धर्म,कर्म,भक्ति और मानव जीवन के आध्यात्मिक उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।कथा में राधा भटनागर,चित्रा गोयल,सुलक्षणा सेमवाल,आदित्य सेमवाल,कमलेश धीमान,रितु वर्मा,नीलम चौधरी,पूनम सिंह,रेनू शर्मा,नीलम वर्मा आदि भक्तगण मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *