त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति थीं महारानी लक्ष्मीबाई, रुड़की में महारानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी गई
रुड़की । देश की 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्रांति की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर प्रदेश अध्यक्ष मानवाधिकार ब्यूरो उत्तराखंड के तत्वावधान में अधिवक्ता नवीन कुमार जैन व भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी गणो ने रानी लक्ष्मीबाई को पुष्माला पहनाकर व पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी व वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई अमर रहे अमर रहे भारत माता की जय भारत माता व देश के शहीद अमर रहे के नारे जयघोष लगाएं गए।
भाजपा नेता नवीन कुमार जैन ने विचार व्यक्त कर कहा कि देश को अंग्रेजी व मुंगल शासन से मुक्त कराने में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई व अनेकों जांबाज देश भक्तों ने बलिदान दिया था तो आज फिर क्यो जनप्रतिनिधियों द्वारा उनकी सहादत को स्मरण कर श्रद्धाजंलि नही दी जाती। न ही सम्बंधित निगम द्वारा स्थानीय स्थानों पर स्थापित शहीदो व वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसे क्रांतिकारियों की लगी प्रतिमाओं पर साफ सफ़ाई करा उन्हें उनके बलिदान दिवस व जयंती दिवस पर याद कर दो पुष्प चढ़ा श्रदांजलि न दी जाती।
सोचनीय विषय है इस अवसर पर एकत्र राष्ट्रभक्तों ने गीत दोहराया की बुंदेले हर बोलों मुँह हमने सुनी कहानी थी खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी। इस अवसर पर आर्य समाज नन्द विहार जिला प्रधान हरपाल सिंह सैनी,अमित सिंघल,सचिन गोंड़वाल, मोहित धीमान,अनुज आत्रेय,नीरज कपिल,वेध टेकवल्लभ, सुधीर चौधरी आदि मौजूद रहे।


