भगवानपुर: नकली दवा बनाने के मामले में कंपनी में पड़ा एसटीएफ का छापा, कई को लिया हिरासत
भगवानपुर। रायपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक दवा कंपनी में एसटीएफ ने छापा मारा है। नकली दवा बनाने की आशंका के चलते यह कार्रवाई की गई। एसटीएफ की टीम को मौके से काफी दवाइयां मिली हैं। कार्रवाई के दौरान चार लोग पकड़े गए हैं। जिन्हें साथ लेकर लक्सर से लेकर सहारनपुर तक कार्रवाई की जा रही है।
रविवार सुबह करीब 6 बजे एसटीएफ की टीम ने भगवानपुर के रायपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी में छापा मारा। यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर की गई। एसटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि इस कम्पनी में नकली दवाई बनाई जा रही है। कार्रवाई के दौरान एसटीएफ की टीम ने मौके से चार लोग पकड़े हैं। इसके अलावा कम्पनी से बड़े पैमाने पर दवाइयां बरामद हुई हैं। इन दवाइयों के नकली होने की आशंका है। जांच में सामने आया कि नकली दवाओं का यह गोरखधंधा उत्तराखंड से लेकर यूपी तक चल रहा है।
उत्तराखंड एसटीएफ ने ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है जो ब्रांडेड कंपनियों के नाम की नकली दवा तैयार कर रहा था। भगवानपुर, लक्सर और सहारनपुर में छापेमारी कर एसटीएफ ने यह गैंग पकड़ा है। आरोपी फैक्ट्री लगाकर नकली दवाएं तैयार कर रहे थे।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि आरोपी कोरियर सर्विस के जरिए देशभर में इन नकली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे। करीब दो महीने तक एसटीएफ ने फर्जीवाड़ा कर रही फार्मा कंपनी की जांच पड़ताल की। इसके बाद रविवार को कार्रवाई की गई। मौके से 15 लाख से ज्यादा टैबलेट, दवा बनाने का सामान, तैयार दवाओं के रैपर आदि बरामद किए हैं। एसटीएफ मामले की जांच कर रही है। इसमें ट्रांसपोर्ट से लेकर प्रिंटिंग कंपनियां एसटीएफ की राडार पर हैं, जिसकी जांच जारी है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया की कार्रवाई जारी है। बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का पर्दाफाश किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कई सालों से नकली दवाएं बनाने का गिरोह सक्रिय है। कई बार स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई कर चुकी है। इसके अलावा अन्य प्रदेशों की टीम भी यहां आकर कार्रवाई कर चुकी है। बावजूद इसके नकली दवाई बनाने का काम थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने शासन को हाल में कई शिकायतें की हैं।





























