भारत विकास परिषद मां चूड़ामणि शाखा भगवानपुर की ओर से बी डी इंटर कॉलेज में मनाया गया 12 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, किया योगाभ्यास, योग का अर्थ होता है जोड़ना अर्थात तन को मन से जोड़ना फिर तन और मन को आत्मा से जोड़ना: महासचिव संजय गर्ग
भगवानपुर। आज भारत विकास परिषद मां चूड़ामणि शाखा भगवानपुर की ओर से बी डी इंटर कॉलेज, भगवानपुर में 12 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बहुत ही सादगी पूर्ण ढंग से योग अभ्यास करके मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए योगाचार्य अंकित कुकरेती ने कहा कि योग भारतीय ज्ञान और परंपरा की 5000 वर्ष पुरानी शैली है।ग्रीष्म संक्रांति के ही दिन भगवान शिव ने अपने शिष्यों को योग का ज्ञान दिया था तथा कालांतर में महर्षि पतंजलि ने आज के ही दिन ग्रीष्म संक्रांति को अपने शिष्यों का योग का ज्ञान दिया था और कहा था कि योग केवल व्यायाम और आसान नहीं वरन योग एक ऐसा विज्ञान है जिसमें जीवन शैली को पूर्ण रूप से आत्महत्या जाता है।
योग को घर-घर तक पहुंचाने का श्रेय योग गुरु बाबा रामदेव को जाता है।परिषद के महासचिव संजय गर्ग ने कहा कि योग का अर्थ होता है जोड़ना अर्थात तन को मन से जोड़ना फिर तन और मन को आत्मा से जोड़ना।योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसमें तन और मन को आत्मा से जोड़ा जाता है।तन और मन का सार्वभौमिक अमर और अजर आत्मा से मिलन ही योग कहलाता है।
इस अवसर पर बोलते हुए शाखा के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल तन और मन का आत्मा से मिलन कराया वरन योग के माध्यम से कश्मीर से कन्याकुमारी तक तथा कटक से कच्छ तक सभी हिंदुस्तानियों को एक सूत्र में पिरोया। मोदी जी ने विश्व के 175 देश में भी योग के माध्यम से भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराया। मीडिया प्रभारी संजय पाल ने कहा कि जब 11 दिसंबर 2014 को भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा तो सभी 175 देशों ने ध्वनिमत से पारित किया।तब से हम प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते आ रहे हैं। इस अवसर पर अमरीश चौहान,धनंजय चौहान,निखिल अग्रवाल,सुधीर सैनी, ओम सिंह अनूप घनशाला,नेत्रपाल,सैयद त्यागी, हर्षित शर्मा,बृजमोहन रोहित कुमार,अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सरल,सहज,सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन कल्पना सैनी ने किया।


