जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ काफी दिलचस्प, आमने-सामने की टक्कर, जोड़-तोड़ चरम पर

रुड़की । जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि नामांकन की वापसी के बाद ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। यह बात पहले से ही तय है मुकाबला आमने सामने का ही होगा। वैसे आज चार दावेदारों ने नामांकन किए हैं। जिसमें सुभाष वर्मा, वीरेंद्र राणा उर्फ बबलू, मीनाक्षी चौधरी और नीलू चौधरी शामिल है। जानकारी मिल रही है कि सुभाष वर्मा के मुकाबले अन्य तीन नामांकन में से दो शुक्रवार को वापस हो जाएंगे। इसके बाद सुभाष वर्मा और विपक्ष की आमने-सामने की टक्कर रहोगी।। ज्यादा संभावना वीरेंद्र राणा उर्फ बबलू के चुनाव मैदान में डटे रहने की है। हमने जो दो नामांकन हुए हैं उन्हें डमी के तौर पर देखा जा रहा है। वैसे राजनीति में कब क्या हो जाए। कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन अभी तक जो चुनावी समीकरण देखने को मिल रहे हैं। उसमें पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत हरिद्वार चौधरी राजेंद्र सिंह खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद एक साथ है। हालांकि इन तीनों नेताओं की कोई साझा बैठक होने की पुष्टि तो नहीं हुई है। लेकिन सुभाष वर्मा के मुकाबले इन तीनों का साझा प्रत्याशी ही मैदान में रहेगा। वहीं जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन जुटाने के प्रयास आज भी जारी रहे। उच्च स्तरीय जोड़-तोड़ हुई और खुले घूम रहे जिला पंचायत सदस्यों की एक तरह से बोली लगी।। जिसमें कुछ सदस्यों की कीमत ₹2000000 तक पहुंच गई।। जो कि डेढ़ साल के कार्यकाल के लिए बहुत अधिक मानी जा रही है। पर कोई भी सदस्य मात्र पैसा लेने तक सीमित नहीं है। वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए बजट आवंटित कराने का वादा भी चाहते हैं। क्योंकि जिला पंचायत में फिलहाल करीब 20 करोड रुपए है। जो कि अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद पहली बैठक में ही क्षेत्रों के विकास के लिए प्रस्तावित होना है। अब तक 33 जिला पंचायत सदस्य भूमिगत हो चुके हैं । मात्र तेरह जिला पंचायत सदस्य ही मैदान में है। शुक्रवार को नामांकन वापसी के बाद लगभग सारे सदस्य भूमिगत हो जाएंगे । वहीं अभी तक शांत देखे गए पिरान कलियर विधायक हाजी फुरकान अहमद भी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर आज खासे सक्रिय नजर आए। उन्होंने भी कुछ जिला पंचायत सदस्यों से बातचीत की। एक दो सदस्य पिरान कलियर विधायक हाजी फुरकान अहमद के काफी करीबी माने जाते हैं। अब देखना यह है कि जब पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद चौधरी राजेंद्र सिंह और कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के साथ है तो ऐसे में पिरान कलियर विधायक हाजी फुरकान अहमद का क्या रुख रहता है। क्योंकि हाजी फुरकान अहमद और हाजी मोहम्मद शहजाद के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। वही हाजी मोहम्मद शहजाद जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर खुलकर राय व्यक्त करने से बच रहे हैं। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चौधरी राजेंद्र सिंह खेमा पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद के समर्थक जिला पंचायत सदस्यों के सहयोग से ही चुनावी मुकाबले में रह सकता है। उपचुनाव में कोई नया मोड़ आने की संभावना नहीं है। सुभाष वर्मा ओर चौधरी राजेंद्र सिंह खेमे के बीच सीधा मुकाबला रहेगा। वही आज पूरे दिन कुछ सदस्यों की संस्था समाप्त होने की चर्चा थम-थम कर होती रही। बता दें कि हरिद्वार जिला पंचायत बोर्ड में कई सदस्य ऐसे हैं जिनकी सदस्यता खतरे में है। किसी की आयु कम होने का मामला है तो किसी के प्रमाण पत्र में त्रुटि है। इस बीच कुछ जिला पंचायत सदस्य सकता का लाभ उठाने का मौका भी नहीं गंवाना चाहते हैं। वह अपने कुछ जरूरी काम सत्ता से करा लेना चाहते हैं। इसीलिए वह सत्ता के साथ खड़े हो गए हैं। अभी तक देखा जाए तो सुभाष वर्मा का खेमा मजबूत नजर आ रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सुभाष वर्मा का खेमा इसलिए मजबूत बना हुआ है ।क्योंकि इस खेमे का चुनाव संचालन एक जगह से हो रहा है। जबकि दूसरे खेमे का चुनाव संचालन कई कई नेताओं के यहां से हो रहा है ।जिनकी राय अलग-अलग है। सुभाष वर्मा खेमा जिला पंचायत सदस्यों की जरूरत को समय रहते पूरा कर रहा है। जबकि दूसरा खेमा जिला पंचायत सदस्यों को अभी कल तक की इंतजार के लिए कह रहा है। वहीं जिला प्रशासन भी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सतर्क हो गया है।। हालांकि अभी किसी भी जिला पंचायत सदस्य को अगवा करने संबंधी शिकायत पुलिस के पास नहीं पहुंची है। पर जिस स्तर की जोड़-तोड़ हो रही है। उसमें कोई जिला पंचायत सदस्य अगवा हो जाए तो इसमें कोई आश्चर्य की बात भी नहीं होगी। यह बात अलग है कि एक दूसरे खेमे पर दबाव बनाने के लिए अगवा करने संबंधी झूठी शिकायतें भी पुलिस तक पहुंच सकती है।

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