मातृसदन ने हरिद्वार प्रशासन और दून मेडिकल कॉलेज को भेजा मानहानि का नोटिस, गंगा रक्षा के लिए आंदोलन कर रहीं साध्वी पद्मावती और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन जारी

हरिद्वार । गंगा रक्षा के लिए आंदोलन कर रहीं साध्वी पद्मावती और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन जारी है। इस बीच मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने हरिद्वार जिला प्रशासन और दून मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मानहानि का नोटिस भेजा है। इसके तहत बतौर मुआवजा 100 करोड़ रुपये की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत सुप्रीम कोर्ट औरहाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ की राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी करेंगे । मातृसदन आश्रम में करीब डेढ़ माह से अनशन कर रहीं साध्वी पद्मावती को प्रशासन ने गुरुवार मध्यरात्रि उठाकर दून मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया था। उन्हें शुक्रवार देर शाम छुट्टी दे दी गई। देर रात मातृसदन पहुंची साध्वी ने फिर अनशन पर बैठ गईं। शनिवार को मीडिया बातचीत में स्वामी शिवानंद ने साध्वी पद्मावती के आरोपों को दोहराते हुए कहा कि तपस्या कर रही साध्वी पद्मावती को बिना किसी उचित कारण के जबरन उठाकर देहरादून मेडिकल कॉलेज में में भर्ती कराया गया। आरोप लगाया कि दून मेडिकल कॉलेज में उनकी छवि खराब करने की नीयत से गर्भ का परीक्षण कराया गया।शिवानंद ने कहा कि उनके अधिवक्ता ने हरिद्वार जिला प्रशासन, हरिद्वार और देहरादून के मुख्य चिकित्साधिकारी को मानहानि का नोटिस भेज दिया है। इस घटना के बाद मातृसदन आश्रम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को किसी भी तपस्वी की तबीयत खराब होने की जानकारी नहीं देगा और न ही किसी प्रकार का मेडिकल चेकअप कराएगा।। स्वामी शिवानंद ने शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिसमें सरकार से लेकर शासन-प्रशासन के जिम्मेदार लोग शामिल हैं। दूसरी ओर साध्वी पदमावती ने दावा किया कि उनका अनशन अस्पताल में भर्ती होने के दौरान भी जारी था और पिछले 49 दिन से वह अनशन पर हैं। वहीं, ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद तीसरे दिन भी अनशन पर रहे।

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