प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड द्वारा प्रधानमंत्री के नाम संबोधित व्यापारियों का आग्रह, आत्मनिर्भर भारत के लिए जीएसटी में संरचनात्मक परिवर्तन कर नया संस्करण लाए सरकार

रुड़की । प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम संबोधित इस ज्ञापन में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में आज राष्ट्र आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है वह दिन दूर नहीं है जब भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा. आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नियम एवं कानून का सरल तथा सहज होना अति आवश्यक है. केंद्र सरकार द्वारा जैसा पूर्व में कारोबारी सुगमता हासिल करने के लिए अनेकों कानूनों में संरचनात्मक परिवर्तन कर उनके नए संस्करण लाए गए हैं. राजस्व संग्रह के निर्धारित लक्ष्य हेतु इस प्रकार कर कानून के संरचना की जाए कि करदाता मजबूरी में नहीं बल्कि स्वेच्छा एवं पूर्ण ईमानदारी के साथ अपने कर का दायित्व निर्वहन कर सके। जुलाई 2017 में देश में सदी के सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म के रूप में जब जीएसटी को लागू किया गया था. देश ने बड़े उत्साह के साथ नई कर प्रणाली का स्वागत किया था और अपेक्षा की थी कि नई कर प्रणाली सरल होगी कर चोरी पर रोकथाम लगेगी एवं बिना किसी रूकावट के इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा इत्यादि। छोटे व्यापारियों के लिए वर्तमान जीएसटी प्रणाली एक बहुत बड़ी परेशानी बन चुकी है अनुपालन इतना पेचीदा हो चला है कि व्यापारी जीएसटी का अनुपालन में अपना आत्मविश्वास खो बैठा है और एक अनजाने डर के चलते कुछ ना कुछ गलती कर बैठता है. यह सर्वविदित सिद्धांत है कि सरल कानून से कर अनुपालन एवं कर संग्रह सदैव ज्यादा होता है। सरकार ने भी करदाताओं की कठिनाइयों को संज्ञान में लेते हुए विगत 42 माह में वर्तमान जीएसटी में एक हजार के लगभग बदलाव किए हैं पर कर चोरी एवं फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की घटनाएं भी अपने चरम सीमा पर हैं और दिन प्रतिदिन विभाग इस प्रकार के फर्जीकरण की रोकथाम में लगा हुआ है. इस फर्जी करण के चलते इमानदार व्यापारी दंडित हो रहे हैं क्योंकि व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट तब तक नहीं मिलता है जब तक विक्रेता व्यापारी अपनी विवरण दाखिल न कर दें अन्यथा उसकी गलती की सजा उसे इमानदार व्यापारी को मिलेगी जो विक्रेता व्यापारी को अपना पूरा जीएसटी भुगतान कर चुका है. बैंक में फ्रॉड होना कोई आश्चर्य का विषय नहीं है पर उस फ्रॉड की रकम बैंक अपनी जमा करता उसे नहीं वसूल ता है जबकि वर्तमान जीएसटी में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की गई कर में धोखाधड़ी की सजा एक ईमानदार व्यापारी को भुगतनी पड़ती है वर्तमान जीएसटी में व्यापारी द्वारा की गई अनजाने मानवीय त्रुटि पर सुधार का अवसर देने के स्थान पर सीधा दंड एवं पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है। कंपनीज एक्ट में छोटी कंपनियों पर बड़ी कंपनियों के मुकाबले कम एवं सरल अनुपालन है इसके ठीक विपरीत जीएसटी में संसाधन से सुसज्जित बड़े उद्योगपतियों में एवं संसाधन रहित छोटे व्यापारियों को एक समान अनुपालन करना पड़ता है जबकि दोनों की क्षमता एवं इंफ्रास्ट्रक्चर भिन्न-भिन्न है।
अब यह अति आवश्यक हो गया है कि विगत 42 माह के अनुभव के आधार पर जीएसटी के सभी कानूनों का पुनर्मूल्यांकन कर संरचनात्मक परिवर्तन कर जीएसटी का नया संस्करण (वर्जन) पुनः लिखा जाए तथा यही मांग हम इस अनुरोध पत्र के माध्यम से आप से कर रहे हैं।
जीएसटी का नया संस्करण इस प्रकार लिखा जाए जोकि कर चोरी रोकने हेतु सक्षम हो सरकार को ज्यादा राजस्व प्राप्त हो एवं व्यापारी वर्ग सूक्ष्म अनुपालन से अपनाकर दायित्व का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित हो।
जीएसटी का नया संस्करण विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए इस प्रकार लिखा जाए कि निवेशकों को यह विश्वास हो जाए कि भारत में कर कानूनों में स्थिरता आएगी और आगामी पांच 10 वर्षों तक जीएसटी कानून में कोई मूलभूत परिवर्तन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जीएसटी के नए संस्करण को लिखने की प्रक्रिया में उद्योग संगठनों के साथ-साथ खुदरा व्यापारियों के संगठन की भी भागीदारी हो और एक इतनी प्रगतिशील कर प्रणाली का निर्माण हो कि आप के नेतृत्व में राष्ट्र के विकास की इस राह में राष्ट्र का लघु व्यापारी भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सके एवं एक सरल सहज कर प्रणाली से राष्ट्र निर्माण में अपने कर दायित्व का पूर्ण ईमानदारी के साथ निर्वाह कर सकें। राष्ट्र के सबसे अग्रणी व्यापारिक संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल द्वारा एक ऐसा प्रेजेंटेशन तैयार किया गया है जिसमें कर चोरी पर रोकथाम लगेगी। सरकार को अधिकतम राजस्व प्राप्त होगा तथा छोटे व्यापारियों को जीएसटी के अनुपालन में भी कोई कठिनाई नहीं होगी यदि उचित लगे तो वह प्रेजेंटेशन हम सब के सहयोग से सरकार को देने को आतुर हैं। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड भी इसका समर्थन करता है हम फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के सहयोगी हैं। आज ज्ञापन देने के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता, नवीन गुलाटी प्रदेश महामंत्री, नितिन शर्मा प्रदेश संगठन मंत्री, रामगोपाल कंसल संयोजक, चौधरी धीर सिंह महानगर अध्यक्ष, दीपक अरोड़ा महानगर महामंत्री, कविश मित्तल महानगर महामंत्री, आदर्श कपानिया जिला महामंत्री, नगर प्रभारी भरत कपूर, अंकित कालरा, लाल कुर्ती के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष सार्थक छाबड़ा उपस्थित रहे।

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