लूट का विरोध करने पर बिलाल को मारी थी गोली, यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़े हैं भगवानपुर क्षेत्र में घटना को अंजाम देने वाले बदमाश

भगवानपुर । लूट का विरोध करने पर बैंक मित्र के भाई बिलाल को रोहित ने ही पीछे से गोली मारी थी। जबकि, मोहसिन ने पिस्टल से हवाई फायर किया था। रोहित ने तीन साल तक भगवानपुर के रायपुर स्थित एक दवा कंपनी में नौकरी की थी, जिसके चलते वह पूरे क्षेत्र से वाकिफ था। सभी आरोपित लूट के शिकार की तलाश में निकले थे। इसी दौरान बैंक मित्र का भाई उनका निशाना बन गया। शनिवार रात को उप्र की थाना भवन पुलिस ने मुठभेड़ में मोहसिन और शालिम निवासी कुल्हैड़ी, थाना चरथावल, जिला मुजफ्फरनगर, रोहित निवासी गादरहेड़ी, थाना सरसावा, जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया था। इन्होंने 11 जून को जलालाबाद में एक कंपनी के कर्मचारी कपिल को पिस्टल से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। कपिल से भी लूटपाट का प्रयास हुआ था। इसके बाद सभी बदमाश भगवानपुर के खुब्बनपुर गांव में रहने वाली रोहित की बुआ के घर रुके थे। तीनों बदमाशों ने 11 और 12 जून को रेकी की थी। 12 जून को मानक माजरा में इन्होंने बैंक मित्र के भाई बिलाल का पीछा किया था।बहबलपुर के पास बाइक सवार तीनों बदमाशों ने पिस्टल से हवाई फायरिग कर बिलाल को रोकने का प्रयास किया था। बिलाल के न रुकने पर उसकी बाइक के आगे अपनी बाइक लगाकर बदमाशों ने लूटपाट का प्रयास किया। विरोध करने पर रोहित ने बिलाल की पीठ में तमंचे से गोली मारी और बैग लूटकर फरार हो गया था। इनके कब्जे से पुलिस को लूट की रकम के 86 हजार रुपये और घटना में प्रयुक्त हथियार मिले हैं। भगवानपुर थाना प्रभारी संजीव थपलियाल ने बताया कि पुलिस ने इन्हें बी वारंट पर लाने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है।भगवानपुर पुलिस ने भी इस गैंग को ट्रेस कर लिया था। पुलिस की टीम इनकी तलाश में चरथावल और थाना भवन क्षेत्र में पांच दिन तक डेरा डाले रही थी। लेकिन, शनिवार को थाना भवन पुलिस से इनकी मुठभेड़ हो गई। इसके तुरंत बाद भगवानपुर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। कपिल की हत्या के बाद बदमाशों ने खुब्बनपुर में शरण ली थी। रुपयों के लिए कपिल की हत्या की गई थी, लेकिन वहां रुपये नहीं मिले थे। इस पर उन्होंने खुब्बनपुर में लूट की योजना बनाई थी। यहां से इनका एक साथी शावेज अपने गांव चला गया था। बाइक का इंतजाम करने के लिए मोहसिन ने गांव के अपने साथी शालिम को बुलाया था। शालिम की तीन माह पहले शादी हुई थी। उसके पास भी कोई काम नहीं था। वह भी रुपये के चक्कर में इनका साथ देने को राजी हो गया था। पुलिस ने बाइक भी बरामद की है।

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