हरिद्वार जनपद में पंचायत चुनाव को लेकर परिसीमन की तारीख तय, जिलाधिकारी सी रविशंकर ने दी जानकारी

हरिद्वार । जिलाधिकारी हरिद्वार सी रविशंकर ने अवगत कराया कि उत्तराखण्ड शासन द्वारा जनपद हरिद्वार में वर्ष 2015 में त्रिस्तरीय पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के पश्चात् कुछ नये नगरीय निकायों के गठन अथवा सीमा विस्तार के कारण कुछ ग्राम पंचायत क्षेत्र नगरीय निकायों में सम्मिलित होने के उपरान्त उत्तराखण्ड़ पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा 50(3)(क), 50(5) एवं धारा 86(2)(ख) में दी गई व्यवस्था के अनुसार क्षेत्र पंचायत एंव जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का पुनः परिसीमन किये जाने हेतु समय-सारणी निर्धारित की गई है।
1 क्षेत्र पंचायतों/जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के पुनः परिसीमन हेतु प्रस्तावों की तैयारी। 02.11.2020 से 09.11.2020 तक
2 प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सूची का अनन्तिम प्रकाशन। 10.11.2020
3 प्रस्तावों पर आपत्तियां आमंत्रित करना। 11.11.2020 से 17.11.2020 तक
4 आपत्तियों का निस्तारण। 18.11.2020 से 21.11.2020 तक
5 अन्तिम प्रकाशन। 23.11.2020
6 क्षेत्र पंचायतों/जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सूचियाॅ निदेशालय में उपलब्ध कराया जाना 24.11.2020

(क) क्षेत्र पंचायतः- निर्वाचित सदस्य जो पंचायत क्षेत्र के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने जाएगें और इस प्रयोजन के लिए पंचायत क्षेत्र निम्नलिखित रीति से प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन किया जाएगाः-
(1)- मैदानी क्षेत्रों में 50000 तक जनसंख्या वाले विकास खण्ड़ो में 20 निर्वाचन क्षेत्र तथा 50000 से अधिक जनसंख्या वाले विकास खण्डों में उत्तरोत्तर आनुपातिक वृद्वि के आधार पर किन्तु अधिकतम 40 प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र होगें। निर्धारित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की जनसंख्या का अनुपात यथासाध्य सम्बन्धित विकास खण्ड़ में समान होगा।
(2)- किसी क्षेत्र पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी संघटक ग्राम पंचायत का प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र भागतः सम्मिलित नही किया जाएगा।
(ख) जिला पंचायतः- निर्वाचित सदस्य जो जिला पंचायत के निर्वाचित क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने जाएंगे और इस प्रयोजन के लिए पंचायत क्षेत्र निम्नलिखित रीति से प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगाः-
(1)- मैदानी क्षेत्र के 50000 तक जनसंख्या वाले विकास खण्ड़ो में न्यूनतम 2 प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र होगें तथा 50000 से अधिक जनसंख्या वाले विकास खण्डांें में उत्तरोत्तर आनुपातिक वृद्वि के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित किए जाएगें। निर्धारित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की जनसंख्या का अनुपात यथासाध्य सम्बन्धित विकास खण्ड़ में समान होगा।
(2)- किसी जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी संघटक क्षेत्र पंचायत का प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र भागतः सम्मिलित नही किया जाएगा। क्षेत्र पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के सम्बन्ध में किसी भी कार्य दिवस में आपत्तियाॅ विकास खण्ड़, जिला पंचायतराज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिलाधिकारी कार्यालय में की जा सकती है परन्तु जिला पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के सम्बन्ध में आपत्तियाॅ किसी भी कार्य दिवस में जिला पंचायतराज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिलाधिकारी कार्यालय में की जा सकेगी। प्रश्नगत आपत्तियाॅ शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही प्रस्तुत की जा सकेगी। सभी प्रकार की आपत्तियों का निस्तारण गठित समिति द्वारा किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी हरिद्वार होंगे, सदस्य मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार एवं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत एवं जिला पंचायतराज अधिकारी हरिद्वार सदस्य एवं सचिव होंगे।

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