दून कैंब्रिज स्कूल पर 1 लाख का जुर्माना, स्कूल की मान्यता समाप्त करने के संबंध में की जाएगी कार्रवाई, पच्चीस सौ रुपए में बेची जा रही थी कक्षा एक की किताबें

हरिद्वार । सरकार के आदेशों के बावजूद निजी स्कूल अभिभावकों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों को निश्चित दुकान से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें महंगे दामों पर खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में अभिभावक की शिकायत आने पर शिक्षा विभाग द्वारा जांच करायी गयी तो शिकायत सही पायी गयी। खण्ड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि पुराना औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक स्कूल द्वारा अभिभावकों को बाल्मिीकि चौक के समीप स्थित एक बुक डिपों से ही किताबें खरीदने के लिए कहा जा रहा है। शिकायत पर शिक्षा अधिकारी दीप्ती यादव को जांच करने के लिए कहा गया। दीप्ती यादव ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर किताबें खरीदने के लिए भेजा। बुक डिपो द्वारा कक्षा एक के कोर्स में लगायी गयी 12 किताबों के सेट के पच्चीस सौ अड़तीस रूपए अभिभावक बनाकर भेज गए व्यक्ति से वसूल किए गए। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्पष्ट आदेश है कि स्कूल निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगा सकते हैं। लेकिन पुस्तकों के दाम एनसीईआरटी की पुस्तकों के समकक्ष होने चाहिए। लेकिन स्कूल मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। संबंधित बुक डिपो के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रशासन को पत्र भेजा रहा है। साथ ही स्कूल की मान्यता समाप्त करने के संबंध में भी कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए स्कूल को नोटिस जारी किया जा रहा है। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए शहर में प्रमुख स्थानों पर बैनर लगवाए जा रहे हैं। जिन पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के नंबर भी दिए गए हैं। जारी किए जा रहे नंबरों पर अभिभावक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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