जोड़-तोड़ पहुंची केंद्र, घोषित नहीं हो सका भाजपा जिलाध्यक्ष, अधिकतर दावेदार जमाए हुए हैं दून में डेरा कुछ की दिल्ली दौड़

रुड़की । जिलाध्यक्ष पद को लेकर चल रही जोड़ तोड़ केन्द्र तक पहुंच गई हैं। जिसके चलते आज भी भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम घोषित नहीं हो सका है । अब संभावना जताई जा रही है कि जिला अध्यक्ष का नाम मंगलवार की शाम या बुधवार को घोषित होगा । दरअसल शुरू में माना जा रहा था कि जिलाध्यक्ष का नाम मंडल अध्यक्षों की राय पर ही तय हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्योंकि भाजपा जिलाध्यक्ष पद के कई बड़े दावेदार हैं । जिन्हें की वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त है। आरएसएस का भी पूरा दखल बना हुआ है। जो प्रदेश स्तर पर अध्यक्षों को लेकरसहमति नहीं बनी तो केंद्र तक मामला पहुंच गया। जानकारी मिली है कि भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ,भाजपा प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और राष्ट्रीय महामंत्री शिव प्रकाश से वातार्लाप के बाद ही जिलाध्यक्ष के नाम फाइनल करेंगे। इस बीच कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी बातचीत होगी। जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के क्रम में मंडल अध्यक्षों की घोषणा के बाद पांच दिसंबर को पार्टी के जगजीतपुर स्थित नए कार्यालय में जिला चुनाव अधिकारी राजेश कुमार ने रायशुमारी कर दावेदारी ली थी। रायशुमारी में 16 दावेदारों ने अगला जिलाध्यक्ष बनने को दावेदारी की थी। इसमें मौजूदा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष ठाकुर सुशील चौहान भी थे। इसके अलावा जय भगवान सैनी, वर्तमान जिला महामंत्री विकास तिवारी, दायित्वधारी विनोद आर्य, आशुतोष शर्मा, संदीप गोयल, देवी सिंह राणा, आदेश सैनी, भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा, वर्तमान जिला उपाध्यक्ष रोहित साहू, ऋषिपाल सिंह, पवन सिंह तोमर, हरजीत सिंह, आदित्य राज सैनी, कुशल पाल सैनी शामिल रहे। वहीं वर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह ने भी दावेदारी कर दोबारा अध्यक्ष बनने में दिलचस्पी दिखाई। इस बीच आरएसएस के दायित्व से मुक्त होकर योगेश चौहान ने भी भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारी ठोकी है । जिला चुनाव अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि दावेदारों से रायशुमारी करने के बाद सूची प्रदेश नेतृत्व को भेजा था। अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व को ही करना है। लेकिन जिला ध्यक्ष पद को लेकर इस कदर खींचतान है कि हाईकमान अभी तक हरिद्वार भाजपा टीम के कप्तान को लेकर कोई फैसला नहीं ले पाया है। जबकि दावेदार परेशान हैं तो उनके समर्थक भी बेचैन हैं। पैरवी में कहीं कोई ढिलाई ना रह जाए । लिहाजा अधिकतर दावेदार 2 दिन से देहरादून में ही डेरा डाले हुए हैं। प्रदेश स्तरीय नेता इस संबंध में अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। हालांकि सभी प्रदेशीय नेता किसी ना किसी दावेदार की पैरवी जरूर कर रहे हैं। 8 दिसंबर को नाम घोषित हो जाना चाहिए था। पर जिलाध्यक्ष को लेकर चल रही रस्साकशी मात्र देहरादून तक ही सीमित नहीं है। इसमें केंद्रीय नेताओं का भी दखल हो रहा है। जिस कारण इंतजार बढ़ती जा रही है।

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