जीएसटी सर्वे के दौरान सख्त रवैया अख्तियार ना किया जाए, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने जीएसटी सर्वे के विरोध में सौंपा ज्ञापन

रुड़की। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने आज जीएसटी सर्वे के विरोध में राज्य कर विभाग उत्तराखंड के ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक को संबोधित एक ज्ञापन रुड़की स्थित कार्यालय में दिया गया। ज्ञापन को उपस्थित डिप्टी कमिश्नर अभय पांडे द्वारा लिया गया इस ज्ञापन के माध्यम से प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने राज्य कर विभाग को अवगत कराया है कि जीएसटी सर्वे विभाग द्वारा निरंतर बाजारों में चलाया जा रहा है । जिसके कारण व्यापारियों में भय का माहौल व्याप्त हो रहा है । सर्वे करने के लिए जब राज्य कर विभाग के अधिकारी बाजार में जाते हैं तो जिस व्यापारी का सर्वे हो रहा होता है वह स्वयं भी तथा अन्य उसके अड़ोस पड़ोस के व्यापारी मानसिक उत्पीड़न अनुभव कर रहे हैं । अन्य व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर कर भी चले जाते हैं।प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारी सदस्य बाजारों में राज्य कर विभाग के द्वारा जीएसटी सर्वे का पुरजोर विरोध करते हैं । इस बारे में पहले भी कई बार विभाग को अवगत कराया जा चुका है । ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक से जीएसटी सर्वे के विरोध में दो बैठकें भी कर चुके हैं। उन बैठकों में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने अपना पूरा विरोध दर्ज कराया तथा एक बैठक का तो बहिष्कार तक किया । उसके बाद भी विभाग के द्वारा सर्वे रोकने की कार्रवाई अब तक नहीं की गई है।व्यापारियों की मांग है कि संबंधित व्यापारी को सूचना देकर, नोटिस देकर अपने कार्यालय में बुलाएं या अन्य कोई विकल्प ढूंढ ले. जिससे व्यापारी भी थोड़ी राहत महसूस कर सके। व्यापारियों में उत्पन्न भय, मानसिक पीड़ा कम हो, खत्म हो। व्यापारी राहत महसूस कर सके ऐसा प्रयास राज्य कर विभाग के द्वारा भी किया जाना चाहिए । परंतु राज्य कर विभाग द्वारा निरंतर सर्वे जारी रखकर व्यापारियों को मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है जिससे व्यापारी को यह नहीं पता लगता कि भविष्य में उसके साथ विभाग क्या व्यवहार करेगा।यह भी उल्लेखनीय है जीएसटी जब से प्रारंभ हुआ अनेक व्यापारियों को जीएसटी समझ नहीं आता है । अनेक व्यापारी उसको समझते हैं ,जो समझते हैं। वह ठीक से व्यवहार कर रहे हैं। परंतु जो समझ नहीं पा रहे हैं। उनसे त्रुटि हो जाती है त्रुटि मानवीय भूल है। उसको सकारात्मक तरीके से लेते हुए विभाग को एक आसान तरीका बनाकर व्यापारी को समझा कर इस कार्य को आसान कर देना चाहिए ।अगर कहीं व्यापारी गलती पर है तो उस को निर्देशित कर उसकी गलती ठीक करवा देनी चाहिए । परंतु किसी एक के द्वारा जानबूझकर की गई गलती का खामियाजा सारे व्यापारी भुगते ऐसा उचित नहीं है जबकि बाजार में ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। इस ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया गया है कि उत्तराखंड राज्य कर विभाग के द्वारा जो सर्वे किए जा रहे हैं । वह तत्काल बंद हो अन्य विकल्प की तलाश की जाए। ज्ञापन देने के इस अवसर पर अजय गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष, नवीन गुलाटी प्रदेश महामंत्री, रामगोपाल कंसल संयोजक, चौधरी धीर सिंह रोड महानगर अध्यक्ष, विजय गोयल पूर्व जिला अध्यक्ष, भारत कपूर नगर प्रभारी, सार्थक छाबड़ा अध्यक्ष युवा व्यापार मंडल आदि उपस्थित रहे तथा अपना प्रबल विरोध विभाग के अधिकारियों को दर्ज कराया।

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