स्वामी तेजेशानंद गिरी महाराज बने आनंद अखाड़े के महामण्डलेश्वर, विद्वान महापुरूष हैं म.म.स्वामी तेजेशानंद गिरी: स्वामी कैलाशानंद गिरी

हरिद्वार । निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के नेतृत्व में भोलागिरी आश्रम के स्वामी तेजेशानंद गिरि महाराज को श्री पंचायती अखाड़ा आनंद का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया। इस दौरान निरंजनी एवं आनंद अखाड़े के संत महापुरुषों ने स्वामी तेजेशानंद गिरि महाराज का तिलक चादर भेंट कर पट्टा अभिषेक किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि स्वामी तेजेशानंद गिरि महाराज एक विद्वान महापुरुष हैं। जो महामंडलेश्वर पद पर रहते हुए संपूर्ण भारत में भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का प्रचार प्रसार कर अखाड़े की परंपराओं को मजबूती प्रदान करेंगे। साथ ही भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर राष्ट्र निर्माण में अपना अतुल्य योगदान प्रदान करेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का शिखर पर्व है। महामंडलेश्वर बनने वाले महापुरुष सदैव ही राष्ट्र उत्थान में अपना योगदान प्रदान करते हैं। स्वामी तेजेशानंद गिरी महाराज सनातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए संतों की सेवा कर समाज को एक नई दिशा प्रदान करेंगे। ऐसी संपूर्ण संत समाज उनसे आशा करता है। आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महाण्डलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने अपने संदेश में महामण्डलेश्वर बनने पर स्वामी तेजेशानंद गिरी महाराज को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आनंद अखाड़े की परंपरा के अनुसार धर्मप्रचार कर समाजोत्थान में योगदान करें। अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि नवनियुक्त महामण्डलेश्वर स्वामी तेजेशानंद गिरी महाराज आनंद अखाड़े की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी एवं श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने संयुक्त रूप से स्वामी तेजेशानंद गिरि महाराज को बधाई देते हुए कहा कि संतों का जीवन सदैव सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहता है। स्वामी तेजेशानंद गिरी महाराज एक तपस्वी संत हैं। जिन्होंने हमेशा ही भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार कर धर्म को बढ़ावा दिया है। उनके महामंडलेश्वर पद पर आसीन होने से आनंद अखाड़े को और बल मिलेगा। श्री पंचायती अखाड़ा आनंद के सचिव श्रीमहंत शंकरानंद एवं श्रीमहंत गिरजानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि संतों का जीवन समाज को नई दिशा प्रदान कर समरसता का भाव जागृत करना होता है। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी तेजेशानंद गिरी अपनी वाणी और उपदेशों से सदैव समाज को धर्म के प्रति जागृत कर युवा संतो के प्रेरणा स्रोत बनेंगे। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी तेजेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि जो जिम्मेदारी संत समाज द्वारा उन्हें सौंपी गई है। वह उसका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे और अखाड़ों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में अपना अतुल्य योगदान प्रदान करते रहेंगे। इस दौरान श्रीमहंत रामरतन गिरी, श्रीमहंत ओमकार गिरी, श्रीमहंत लखन गिरी, महंत राधे गिरी, महंत नरेश गिरी, श्रीमहंत दिनेश गिरी, महंत शिवशंकर गिरी, दिगंबर बलवीर पुरी, स्वामी रघुवन, स्वामी रविवन, स्वामी आलोक गिरी, दिगंबर आशुतोष पुरी आदि संत मौजूद रहे।

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