हम डरे हुए हैं, भारतीय एंबेसी के अफसरों के नंबर ही नहीं मिल रहे, यूक्रेन में फंसे छात्रों की दर्दभरी दास्तां

नई दिल्ली । यूक्रेन संकट से अपने लोगों को निकालने के काम के लिए सरकार एक तरफ अपनी पीठ थपथपाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। लेकिन दूसरी तरफ तस्वीर काफी भयावह है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक रूसी सीमा के पास स्थित Sumy स्टेट यूनिवर्सिटी के 600-700 छात्र अपनी जान बचाने के लिए इंडियन एंबेसी के अफसरों से गुहार लगाने की कोशिश कर रहे हैं पर उनके नंबर नॉट रीचेबल हैं। केरल की छात्रा निरंजना संतोष ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए भी वो अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं पर कोई कामयाबी हाथ नहीं लग रही। हम बहुत डरे हुए हैं। हमें घर लौटना है पर कोई भारतीय अफसर उनके पास नहीं आ रहा। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि 18 हजार भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। बीते 24 घंटो में 15 फ्लाइटे भारत आई हैं। अगले 24 घंटो के लिए 18 फ्लाइटों को यूक्रेन भेजा जाएगा। उधर, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मॉस्को यूक्रेन में लड़ाई खत्म करने के लिए बातचीत को तैयार है। लेकिन यूक्रेन के सैन्य ढांचे को नष्ट करने के अपने प्रयास जारी रखेगा। लावरोव ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के वार्ताकारों को अपनी मांगें सौंपी है। अब वो बृहस्पतिवार को होने वाली वार्ता में कीव की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम ने यूक्रेन को लगातार हथियारों से लैस किया है। इन देशों ने यूक्रेन में ठिकाने बनाए हैं। ये मॉस्को की सुरक्षा के लिए खतरा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि रूस पर प्रतिबंध लगने से भारत की भी मुश्किलें बढ़ेंगी। सीनेट फॉरेन रिलेशन कमेटी की बैठक में एक अधिकारी ने कहा कि अब हथियारों से जुड़े हार्डवेयर रूस से लेने में भारत को परेशानी होगी। यूक्रेन पर हमले की वजह से दुनिया के तमाम देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि उनका कहना था कि अमेरिका S-400 एयर डिफेंस की खरीद पर रोक लगाने की बात पर विचार नहीं कर रहा। भारत उसका साझीदार है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजक ने एक जांच शुरू की है। वो यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई के दौरान नागरिकों की मौत, संपत्ति नुकसान को देखेंगे। आईसीसी के अभियोजक करीम खान ने बुधवार देर रात उस समय जांच की घोषणा की, जब अंतरराष्ट्रीय अदालत के दर्जनों सदस्य देशों ने उनसे मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया। ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस ने कहा कि आईसीसी को यूक्रेन जाने की जरूरत है। इसके जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना जरूरी है। ब्रिटेन न्याय के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा। बता दें कि रूस ने यूक्रेन के कीव, खारेसान और खारकीव में हमले तेज रखे। इस दौरान खारकीव में जबदस्त तबाही की खबर है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने फिर से हुंकार भरी है। उन्होंने चेताते हुए कहा है कि जो भी उनके मुल्क में घुसेगा या फिर हमला करेगा, वह उसे कड़ा जवाब देंगे। साथ ही जो उन लोगों (यूक्रेनियों) का है, वह वे किसी और को नहीं देंगे। वहीं, विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कुछ समाचार चैनल्स ने बताया कि खारकीव में रक्षा विभाग के हेडक्वार्टर पर क्रूज मिसाइल अटैक किया गया है। इस बीच, खारकीव में रात भर की गई बमबारी में आठ लोगों के मारे जाने की खबर है। मृतकों में कौन-कौन (मुल्क आदि) शामिल था? यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है।

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