जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण हेतु सभी संबंधित अधिकारी गंभीरता से कार्य करे: डीएम मयूर दीक्षित

हरिद्वार। जनपद में शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।जिसमें नगर निगम,नगर पालिका,नगर पंचायत,जिला पंचायत,पंचायतीराज एवं खंड विकास अधिकारियों मौजूद रहें।

बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026, भारत में कचरा प्रबंधन के ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं। 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होने वाले ये नियम, 2016 के पिछले नियमों का स्थान लेंगे। इसका प्राथमिक उद्देश्य पृथक्करण, प्रसंस्करण और सुरक्षित निपटान को अधिक जवाबदेह और डिजिटल बनाना है,जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारी नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनाश्चित करेंगे।
बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि जनपद में साफ सफाई व्यवस्था शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक सफाई व्यवस्था निरंतर बेहतर ढंग से की जाएं तथा घरो से,फैक्ट्रियों से,दुकानों से,होटल ढाबों से,चिकित्सालयों से निकलने वाले कूड़े कचरे एवं ठोस अपशिष्ट के लिए जिसमें गीला कूड़ा एवं सुखा कूड़ा के उचित निस्तारण के लिए बेहतर ढंग से कार्य योजना तैयार करे, जिसमें प्लास्टिक कूड़ा, ठोस अपशिष्ट/मेडिकल वेस्ट,सेनेटरी नपकिन, डाइपर के उचित निस्तारण हेतु कूड़ा वाहनों में चार तरह के कंटेनर रखने के निर्देश दिए तथा कूड़े का उचित निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सभी अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करेंगे,इसमें किसी भी प्रकार से कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।सफाई व्यवस्था शहर से लेकर गांव तक सुनिश्चित की जाए तथा सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि कि जा रही सफाई व्यवस्था का 15 दिन के भीतर धरातल पर इसका असर दिखना चाहिए।जिस क्षेत्र में सफाई व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं की जाती है एवं कूड़े कचरे का उचित निस्तारण नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया जायेगा।उन्होंने नोडल अधिकारी स्वच्छता कंट्रोल रूम को निर्देश दिए है कि जिन अधिकारियों द्वारा सफाई व्यवस्था में ढिलाई बरती जाती है एवं कि जा रही सफाई व्यवस्था के संबंध में कंट्रोल रूम को सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो संबंधित अधिकारियों को सूची तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि जनपद हरिद्वार चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वारा है इसके साथ ही हर की पौड़ी में कई महत्वपूर्ण पर्व में देश विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु गंगा स्नान को आते है,इसके लिए यह जरूरी है कि आने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को साफ स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो इसके लिए साफ सफाई व्यवस्था निरंतर की जानी नितांत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनपद ने विगत एक वर्ष से सभी अधिकारियों ,सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संगठनों,स्वयं सेवी संस्थायकों माध्यम से सफाई अभियान चलाया गया है,वर्तमान समय में सफाई अभियान की रफ्तार धीमी हो गई है,इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की है कि सफाई अभियान को गंभीरता से लेते हुए पूर्व की भांति सभी के सहयोग से स्वच्छता अभियान आगे भी संचालित किए जाए,जिससे कि तीर्थनगरी को साफ स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सके तथा आने वाले तीर्थयात्री अपने साथ सुखद अनुभव लेकर जाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र,मुख्य नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल,नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी,जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह,अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राकेश खंडूरी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित सभी अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत ,नगर पालिका एवं खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

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