कांग्रेस सरकार में बैक डोर से की गई नियुक्तियों की भी जांच हो, कांग्रेस कार्यकाल में सहकारी बैंकों के अलावा सहकारी समितियों व अन्य संस्थाओं में हुई है बैक डोर से नियुक्तियां
देहरादून। डीसीबी देहरादून के चेयरमैन अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती जिला सहकारी बैंकों में पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगे तो मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री ने तुरंत जांच बैठा दी, जो अभी गतिमान है। बैंकों की ओर से भी इस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
जांच प्रभावित न हो, इसलिए भर्ती प्रक्रिया में शामिल तमाम अधिकारियों को स्थानांतरित भी कर दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस का इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन करना समझ से परे है। कांग्रेस अपनी आपसी लड़ाई को छुपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में की गईं नियुक्तियों की जांच के लिए भी एक कमेटी गठित की जानी चाहिए। ताकि कांग्रेस की कारगुजारियों का पर्दाफाश किया जा सके। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस कार्यकाल में सहकारी संस्थाओं में बैक डोर से नियुक्तियां हुई है । उनकी जांच होनी चाहिए हरिद्वार जनपद की सहकारी समितियों में उस समय 50 से अधिक लोगों की नियुक्ति नियम विरुद्ध हुई। वही हरिद्वार जिले के सहकारिता के जानकार बता रहे हैं कि जब से राज्य का गठन हुआ, तब से ही अवैध रूप से नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्ति कर सहकारी समितियों में तमाम कर्मचारियों का समायोजन किया गया इसमें बड़े स्तर पर लेनदेन हुआ। जिसमें कांग्रेस और भाजपा के तमाम नेता शामिल रहे।हरिद्वार जनपद में सहकारी समितियों में नियुक्ति करने वाला एक बड़ा गिरोह शुरू से ही सक्रिय है जो कि नियुक्ति के नाम पर अभ्यर्थियों से 15 से 2000000 रुपए वसूलता है। इस गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त किया जाना जरूरी है।इसमें विभिन्न संस्थाओं में चेयरमैन पद पर रहे कई लोग शामिल हैं। जिनकी कांग्रेस और भाजपा में मजबूत पकड़ है। नियुक्तियों में सहकारिता विभाग के कई अधिकारी भी शामिल रहे हैं। इसीलिए बोर्ड के सभापति वह डायरेक्टरों के अलावा अधिकारियों के रिश्तेदार भी समितियों व अन्य संस्थाओं में भर्ती किए जा रहे हैं। रिक्त पदों की समाचार पत्रों में विज्ञप्ति इसलिए नहीं निकाली जा रही है क्योंकि सभी संस्थाओं में अयोग्य रिश्तेदारों को भर्ती किया जाना है।समाचार पत्रों में यदि विज्ञप्ति जारी हो जाएगी तो निश्चित रूप से योग्य अभ्यर्थी आवेदन करेंगे और इससे अधिकारियों और सहकारी नेताओं के अयोग्य रिश्तेदार को मौका नहीं मिल सकेगा। हरिद्वार जिले के कई मामले हाई कोर्ट भी जा चुके हैं। जिसमें निचले स्तर पर अवैध रूप से की गई नियुक्तियां निरस्त भी हो चुकी है। लेकिन गिर हो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और मौका मिलते ही किसी न किसी संस्था में वह गलत तरीके से नियुक्ति करा कर मोटी रकम वसूल रहा है। ताकि शासन स्तर भर्ती संबंधी शिकायतों पर कोई कार्रवाई न हो सके । इसीलिए सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के एक दो परिचित को भी भर्ती कर लिया जाता है।



