राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 12 कुमाऊं में भूतपूर्व सैनिक रैली में किया प्रतिभाग, पर्यटन व स्वरोजगार पर दिया जोर

पिथौरागढ़ । उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) ने पंचशूल ब्रिगेड की 12 कुमाऊं में भारतीय सेना द्वारा आयोजित भूतपूर्व सैनिकों की रैली एवं सैनिक परिवारों के लिए आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उनके आगमन पर जीओसी इन सी सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जीओसी उत्तर भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल डी जी मिश्रा, जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल एम पी एस गिल सहित ब्रिगेडियरस एवं अन्य सैन्य अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।

इस दौरान राज्यपाल ने जोरावर साइकिल रैली का झंडी दिखाकर समापन किया तथा प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। इसके उपरांत उन्होंने वहां उपस्थित वेटरन्स एवं वीर नारियों (शहीद सैनिकों की विधवाओं) को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया।

माननीय राज्यपाल ने वहां उपस्थित पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना का प्रत्येक जवान एक नेतृत्वकर्ता (लीडर) होता है, जिसमें नेतृत्व क्षमता स्वाभाविक रूप से विद्यमान होती है। उन्होंने इस नेतृत्व क्षमता का उपयोग समाज के हित में करते हुए सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने पिथौरागढ़ मिलिट्री स्टेशन को उत्तराखंड के सभी सैन्य स्टेशनों में उत्कृष्ट बताया।

अपने संबोधन में माननीय राज्यपाल ने कहा कि पिथौरागढ़ जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, इस वर्ष 40 हज़ार पर्यटक पिथौरागढ़ आए तथा आने वाले वर्षों में यह संख्या लाखों तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पिथौरागढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को विश्व स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ “महादेव की पवित्र धरती” है, जहां आदि कैलाश एवं ओम पर्वत जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल स्थित हैं, जो पर्यटन को और अधिक बढ़ावा दे रहे हैं ।

राज्यपाल ने भारत सरकार की “वाइब्रेंट विलेज” पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सीमांत क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने हनी (शहद), अरोमा (सुगंधित उत्पाद) एवं मिलेट्स (श्री अन्न) के क्षेत्र में हो रही प्रगति को “क्रांति” बताते हुए स्थानीय आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने वहां उपस्थित सेवानिवृत्त सैनिकों (रेटायर्ड जवानों) को होम-स्टे संचालित करने हेतु प्रेरित किया तथा सैनिक परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने उपस्थित जनसमूह से पिथौरागढ़ की प्रगति एवं समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने भारत सरकार को वन रैंक वन पेंशन योजना से सेवानिवृत्त सैनिकों हो रहे लाभ हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने स्वर्गीय जनरल बी सी जोशी को स्मरण करते हुए एपीएस की स्थापना हेतु उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे एक कुशल एवं योग्य प्रशासक हैं तथा उनके नेतृत्व में जनपद में सराहनीय कार्य हो रहे हैं और वह इन जवानों के प्रति संवेदनशील हैं और और उन्हें बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अच्छा काम कर रहे हैं। अंत में राज्यपाल ने समस्त जनपदवासियों के सुख, समृद्धि एवं उन्नति के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की तथा कार्यक्रम के उपरांत वहां से प्रस्थान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *