देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली, उत्तर में बारिश-बर्फबारी, महाराष्ट्र के अकोला में पारा 40 पार, चक्रवाती प्रसार का असर

नई दिल्ली । पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रसार के चलते देश के अधिकतर हिस्सों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। उत्तर के पहाड़ों से लेकर मैदानों, पूर्वोत्तर, मध्य और पश्चिम में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं और वज्रपात का दौर जारी है। वहीं, दक्षिण में उमस भरी गर्मी बनी हुई है। इसी बीच महाराष्ट्र और गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। अकोला में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ उत्तर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिसके साथ ऊपरी हवा में एक ट्रफ भी बना हुआ है। इसका व्यापक असर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश, वज्रपात और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 27 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। यहां तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ों और फसलों को नुकसान हो सकता है। हालांकि बारिश की तीव्रता अधिक नहीं होगी, लेकिन मौसम में बदलाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जाएगा।

तेज हवाओं, वज्रपात और ओलावृष्टि के कारण कई प्रकार के नुकसान की आशंका जताई गई है। पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं या बड़े पेड़ गिर सकते हैं, जिससे बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। खेतों में खड़ी फसलें, विशेषकर केला और पपीता जैसी फसलें, अधिक प्रभावित हो सकती हैं। ओलावृष्टि से इंसानों और पशुओं को भी चोट लगने का खतरा है, जबकि कमजोर मकानों और झोपड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है।

पूर्वोत्तर भारत में चक्रवाती प्रसार और उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम के कारण मौसम अधिक उग्र बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 29 मार्च तक लगातार बारिश, आंधी-तूफान और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इन राज्यों में हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ों की शाखाएं टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।

पूर्वी भारत के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यह बारिश जहां गर्मी से राहत देगी, वहीं जलभराव और फसलों को नुकसान की स्थिति भी पैदा कर सकती है।

मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तैयार फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करने को कहा गया है। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने और सब्जियों व नर्सरी को प्लास्टिक या जाल से ढकने की सलाह दी गई है। बागानों में पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी बताया गया है।

केरल और कोंकण में उमस भरी गर्मी बनी हुई है। इस मौसम में शरीर जल्दी थक सकता है, इसलिए पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कहीं बारिश और बर्फबारी हो रही है, तो कहीं तेज हवाएं और वज्रपात का खतरा बना हुआ है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस भी जारी है। ऐसे में आम लोगों और किसानों दोनों को सतर्क रहने और समय-समय पर मौसम की जानकारी लेते रहने की जरूरत है।

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