“परिवर्तन की बयार” ने आईआईटी रुड़की में एक रूपांतरणकारी दिवस को प्रेरित किया

रुड़की । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने 5 अप्रैल 2026 को “परिवर्तन की बयार” विषय के अंतर्गत TEDxIITRoorkee 2026 का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम विचारों, दृष्टिकोणों और कथाओं के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा, जिसने चिंतन और परिवर्तन को प्रेरित किया तथा विविध वक्ताओं और सक्रिय श्रोताओं को एक साथ लाया।

TEDx, “प्रसार योग्य विचारों” के लिए एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच है, जो TED के अंतर्गत स्वतंत्र रूप से आयोजित कार्यक्रमों को सक्षम बनाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, TEDxIITRoorkee ने “परिवर्तन की बयार” विषय पर केंद्रित संवादों का संयोजन किया, जो एक कोमल किंतु शक्तिशाली परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक है। यह दृष्टि एक प्रभावशाली वक्ता समूह में परिलक्षित हुई, जिसमें विशेष रूप से प्रेरणादायक महिला वक्ताओं का एक पैनल शामिल था, जिनकी यात्राएँ साहस, धैर्य और प्रगतिशील परिवर्तन का प्रतीक रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ औपचारिक उद्घाटन समारोह के साथ हुआ, जिसमें पारंपरिक दीप प्रज्वलन तथा आईआईटी रुड़की के कुलगीत का आयोजन किया गया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) डॉ. बरजीव त्यागी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। समारोह की शोभा बढ़ाने हेतु छात्र कल्याण सह-अधिष्ठाता (एसोसिएट डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) डॉ. अजंता गोस्वामी; नवाचार एवं इनक्यूबेशन सह-अधिष्ठाता (एसोसिएट डीन ऑफ इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन) डॉ. साई रामुडु मेका; तथा TEDxIITRoorkee के समन्वयक डॉ. वरुण शर्मा उपस्थित रहे। गणमान्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया तथा क्यूरेटर के संबोधन के साथ सत्र का समापन हुआ, जिसने दिन की दिशा निर्धारित की।
कार्यक्रम में प्रेरणादायक वक्ताओं की एक सशक्त श्रृंखला प्रस्तुत की गई। अंतरराष्ट्रीय धाविका दूती चंद ने अपने संघर्ष और दृढ़ता की यात्रा साझा की, जिसमें उन्होंने पारंपरिक पृष्ठभूमि से वैश्विक पहचान तक की अपनी कहानी बताई। एला डी’वर्मा ने सामाजिक मान्यताओं और व्यक्तित्व की स्वतंत्रता पर विचारोत्तेजक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिससे श्रोताओं को पूर्वाग्रहों पर प्रश्न उठाने और समावेशिता को अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रसिद्ध वॉयस आर्टिस्ट सिमरन कौर, जो डोरेमोन में नोबिता की आवाज़ के रूप में जानी जाती हैं, ने अपने करियर की यात्रा साझा की और जुनून तथा निरंतरता के महत्व पर बल दिया। एसिड अटैक सर्वाइवर एवं सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी अग्रवाल ने साहस, आत्मबल और विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ रहने की प्रेरक कथा प्रस्तुत की, जिसने श्रोताओं पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध स्पीड पेंटर आर्ट्सी रोहित के आकर्षक प्रदर्शन के साथ हुआ, जिन्होंने लाइव कला सृजन के माध्यम से कला और कथन का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। उनके प्रदर्शन में आईआईटी रुड़की की मुख्य इमारत का चित्रण, अभिनेता रणवीर सिंह तथा क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के चित्र, और एक व्यक्तिगत श्रद्धांजलि शामिल थी, जिसने रचनात्मक अभिव्यक्ति की शक्ति को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।
TEDxIITRoorkee 2026 ने विचारों के उस उत्सव के रूप में अपनी पहचान स्थापित की, जो परंपराओं को चुनौती देते हुए सार्थक परिवर्तन के लिए प्रेरित करता है, तथा संवाद, रचनात्मकता और प्रगतिशील सोच को प्रोत्साहित करने के प्रति आईआईटी रुड़की की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

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