कोटेदारों का खाद्यान्न भंडार में हंगामा, गुस्साए 25 सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने दिए त्यागपत्र, अब तक सरकार व शासन की ओर से मानदेय के मुद्दे पर सकारात्मक रुख न अपनाए जाने से आक्रोश भड़क उठा

अल्मोड़ा । मानदेय के लिए असहयोग आंदोलन पर अड़े कोटेदारों का धैर्य जवाब दे गया। लगातार कार्य बहिष्कार के बावजूद सरकार ने सुध न ली तो उन्होंने राजकीय खाद्यान्न भंडार में हल्ला बोला। नारेबाजी कर हंगामा काटा। घेराव व तकरार की आशंका में गोदाम प्रभारी कोटेदारों के धमकने से पहले ही खिसक लिए। इस पर प्रदर्शनकारियों ने शासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गुबार निकाला। इधर उपेक्षा से आहत नगरीय क्षेत्र के 25 राशन विक्रेताओं ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए हैं। पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति के आह्वान पर बीती एक सितंबर से जिलेभर के राशन विक्रेता कार्यबहिष्कार पर हैं। अब तक सरकार व शासन की ओर से मानदेय के मुद्दे पर सकारात्मक रुख न अपनाए जाने से आक्रोश भड़क उठा। सोमवार को कोटेदार नारेबाजी करते हुए माल रोड स्थित राजकीय खद्यान्न भंडार परिसर में जा धमके। प्रदर्शन कर हंगामा काटा। पता लगा कि गोदाम प्रभारी पहले ही कार्यालय से बाहर निकल गए। इस पर गुस्साए कोटेदारों ने सरकार विरोधी नारेबाजी तेज कर दी। प्रदर्शन के बीच धरना दिया गया। जिलाध्यक्ष संजय साह ने कहा कि बीते 27 दिनों से आंदोलन के बावजूद सरकार सुध नहीं ले रही है। उन्होंने केरल व तमिलनाडु की भांति सरकारी राशन विक्रेताओं को मानदेय की पुरजोर वकालत की। इस मौके पर दिनेश गोयल, केसर सिंह खनी, भूपाल सिंह परिहार, अभय साह, विपिन तिवारी, प्रमोद पवार, पंकज कपिल, दीपक कपिल, नरेंद्र लाल साह, जगदीश चंद्र पाठक, आनंद सिंह, दीपा भंडारी, नारायण सिंह, हेमा देवी, पान सिंह सांगा, उमेश सिंह बिष्ट, संदीप नंदा, हेमा पांडे, सूरज सिराड़ी, प्रताप सिंह कनवाल, देवेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

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