बलबीर पुरी को चुना गया बाघम्बरी मठ का महंत, श्री निरंजनी अखाड़े की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया निर्णय
हरिद्वार । श्री निरंजनी अखाड़े की महत्वपूर्ण बैठक में बलबीर पुरी को बाघम्बरी मठ का महंत चुन लिया गया। गुरुवार सुबह श्री निरंजनी अखाड़ा परिसर में हुई पंचों की बैठक में यह फैसला लिया गया। साथ ही पांच सदस्यीय एक सलाहकार बोर्ड के गठन का भी फैसला लिया गया है। बोर्ड की सलाह पर ही नए महंत को पीठ की परंपरानुसार काम करना होगा। पत्रकारों से बातचीत में श्रीनिरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी व सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की वसीयत में भी बलबीर पुरी को ही उन्होंने अपना उत्तराधिकारी माना है। बलबीर को श्री निरंजनी अखाड़े की परंपरा के अनुसार ही सब कुछ त्यागकर मठ की सेवा में काम करना होगा। दोनों संतों ने कहा कि नरेंद्र गिरि की वसीयत वैसे तो नियम विपरीत है। लेकिन उसे माना जा रहा है। उन्होंने अपनी वसीयत में बलबीर को ही अपना उत्तराधिकारी बनाया है। जहां तक बलबीर के ऊपर अपराधिक मामले की जानकारी सामने आ रही है तो उस मामले में जांच करने के बाद ही कुछ कहा जायेगा। श्री महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि महंतों के चयन को पूरी एक प्रक्रिया बनी है। साथ ही 1978 से वसीयत बनी चली आ रही है। वसीयत में हर कोई महंत आगे महंत नियुक्त कर बाकायदा एक वसीयत तैयार करता है। वसीयत में अखाड़े के ही गवाह भी होते हैं। इस दौरान सचिव श्री महंत राम रतन गिरि भी शामिल रहे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की षोडसी 5 अक्तूबर को होगी। जिसमें बलबीर पुरी को महंत बनाया जायेगा। बैठक में सचिव श्री महंत रामरतन गिरी, स्वामी पूर्णानंद गिरी, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी, कोठारी महंत उमेश भारती, स्वामी आलोक गिरी शामिल रहे।

