भाजपा के पास किसानों के लिए कोई योजना और नीति नहीं: हरीश रावत, गन्ने का दाम घोषित न होने पर पूर्व सीएम लिब्बरहेड़ी चीनी मिल पर धरने पर बैठे

रुड़की । उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गन्ने का दाम घोषित न होने पर लिब्बरहेड़ी चीनी मिल पर करीब आधे घंटे तक मौन धारण कर धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक चीनी मिल पर पहुंच गए। धरने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जल्द गन्ने का दाम घोषित नहीं किया तो प्रदेश का किसान चीनी मिलों पर धरना देगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास किसानों के लिए कोई योजना और नीति नहीं है। सोमवार शाम को इंटरनेट मीडिया पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक पोस्ट डाली, जिसमें उन्होंने कहा कि वह दिल्ली से देहरादून जाते समय रास्ते में मंगलौर के पास उत्तम चीनी मिल लिब्बरहेड़ी पर धरना देंगे। इसकी जानकारी मिलते ही विधायक काजी निजामुद्दीन और उनके समर्थक चीनी मिल पर पहुंच गए। शाम करीब साढ़े छह बजे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चीनी मिल पर पहुंच गए और गेट पर धरना देकर बैठ गए। धरने के बाद उन्होंने कहा कि चीनी मिलें पेराई सत्र शुरू करने वाली हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया है, जबकि पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकारों ने गन्ने का मूल्य घोषित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस के साथ ही किसानों को मिलने वाले उर्वरक की कीमतों में वृद्धि हो रही है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि जिस तरह किसानों के यंत्र या उर्वरक पर महंगाई बढ़ाई जा रही है, उसी प्रकार से गन्ने के मूल्य में भी वृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यशपाल आर्य ने घर वापसी कर सूझबूझ का परिचय दिया है। यशपाल आर्य ने वापसी को लेकर भाजपा पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कांग्रेस का होगा। इस मौके पर नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष चौधरी इस्लाम, राजवीर सिंह, ओम सिंह, फरमान खान, नूर आलम, महमूद आदि मौजूद रहे।

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