गर्मियों से पहले पेयजल व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी सख्त – योजनाओं को शीघ्र पूरा करने, संभावित संकट क्षेत्रों के लिए अग्रिम तैयारी के निर्देश

 

बागेश्वर। गर्मी के मौसम से पूर्व जनपद में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने और संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल संस्थान, जल निगम तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो पेयजल योजनाएं अपने अंतिम चरण में हैं, उन्हें युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि उन्हें अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति की पूरी जानकारी होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की औपचारिकताएं अभी शेष हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाए। विशेष रूप से ग्राम सभाओं को हस्तांतरित की जाने वाली योजनाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ बैठक कर पारदर्शिता के साथ पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए, ताकि योजनाओं के संचालन में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों को चिन्हित करने और वहां पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न होती है, वहां टैंकरों तथा अन्य वैकल्पिक माध्यमों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत उपलब्ध कराई जा सके।

शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए, जहां पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती रहे और प्राप्त शिकायतों का तत्काल समाधान किया जा सके। उन्होंने जिला पंचायतीराज अधिकारी (डीपीआरओ) को निर्देशित किया कि वे सभी ग्राम प्रधानों से नियमित संवाद स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गांव में पेयजल की उपलब्धता की स्थिति की निगरानी हो रही है। यदि कहीं भी समस्या सामने आती है तो संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर उसका समाधान करें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर योजनाओं और जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। उन्होंने दोहराया कि ग्रीष्मकाल के दौरान किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता दलीप सिंह बिष्ट, जल निगम के वीके रवि, सिंचाई विभाग के जगत सिंह बिष्ट तथा दीन दयाल टम्टा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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