हरकी पैड़ी और गंगा घाटों से वेंडर हटाए, गंगा घाटों से अवैध तरीके से प्लास्टिक केन, फूल, पूजा साम्रगी बेचने वालों को हटाने का सिलसिला जारी

हरिद्वार । श्रीगंगा सभा और पुलिस की ओर से हरकी पैड़ी सहित आसपास के गंगा घाटों से अवैध तरीके से प्लास्टिक केन, फूल, पूजा साम्रगी बेचने वालों को हटाने का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को बड़ी संख्या में वेंडरों को हटाने तथा सामान जब्त करने का सिलसिला जारी रहा। श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर घाटों से इन सभी को हटाया। कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए कोविड कर्फ्यू के बाद विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं का आगमन शुरू होने से धीरे-धीरे गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की आमद से रौनक बढ़ने लगी है। इस बीच श्रद्धालुओं की सीमित संख्या में आमद के बावजूद मालवीय द्वीप, घंटाघर, हरकी पैड़ी प्रवेश द्वार सहित विभिन्न स्थानों पर अवैध तरीके से वेंडर प्लास्टिक केन, खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान की बिक्री होने की सूचना के बाद श्रीगंगा सभा ने इन सभी के खिलाफ अभियान शुरू करते हुए उनको हटाने तथा विरोध करने पर सामान जब्त करने का अभियान चलाया।
रविवार को हरकी पैड़ी पुलिस चौकी प्रभारी अरविंद रतूड़ी एवं श्रीगंगा सभा के स्वागत मंत्री सिद्वार्थ चक्रपाणि के साथ अन्य पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने अभियान चलाते हुए कई वेंडरों का हटवाया। कई वेंडरों द्वारा चेतावनी के वाबजूद सामान बेचने का प्रयास करने के दौरान सामान भी जब्त करवाया गया। उधर, श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा है कि विश्व प्रसिद्व हरकी पैड़ी पर लाखों की तादाद में श्रद्धालुगण आते है। विश्वभर के श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां पहुंचकर मोक्षदायिनी मां गंगा की पूजा-अर्चना करते है। कोविड कर्फ्यू में ढील देने के बाद यात्रियों के आगमन के साथ ही हरकी पैड़ी स्थित मालवीय द्वीप, घंटाघर सहित आसपास के घाटों पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के सामान सहित अन्य खाने-पीने की चीजों के बिक्री चोरी छिपे होने लगी। इसको देखते हुए श्रीगंगा सभा ने पुलिस के साथ मिलकर अभियान चलाकर घाटों को इन लोगों से मुक्त कराने का कार्य किया है जो आगे भी जारी रहेगा। सहयोग करने वालों में श्रीगंगा सभा के स्वागत मंत्री सिद्वार्थ चक्रपाणि, समाज कल्याण मंत्री नितिन गौतम, वीरेन्द्र कौशिक, शैलेष गौतम, अवधेश कौशिक, विकास प्रधान सहित सभा के अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *