हरिद्वार उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने किया उत्तरजीवि प्रमाण पत्र निरस्त

हरिद्वार । उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने अवगत कराया है कि श्रीमती बोहती देवी पत्नी स्व० हरि सिंह, निवासी निकट रविदास मंदिर, जगजीतपुर, कनखल, हरिद्वार द्वारा दिनांक 18.03.2025 को एक शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें फर्जी उत्तरजीवि (वारिसान) प्रमाण पत्र सं०- UK24ES070002872 की जांच कर उसे निरस्त किये जाने का अनुरोध किया गया।

उन्होंने अवगत कराया है कि उक्त प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए तहसीलदार हरिद्वार को नियमानुसार जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। तहसीलदार द्वारा दिनांक 21.08.2025 को प्रस्तुत आख्या में यह तथ्य सामने आया कि स्व० रंजीव सिंह की मृत्यु के उपरांत उनकी पत्नी सुमन द्वारा उत्तरजीवि प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन किया गया था। प्रारंभिक जांच के उपरांत दिनांक 04.05.2024 को जारी प्रमाण पत्र में बोहती देवी का नाम वारिसान के रूप में अंकित था।
इसके पश्चात पुनः प्रार्थना पत्र के आधार पर जारी नये प्रमाण पत्र (सं०- UK24ES070002872 दिनांक 14.11.2024) में बोहती देवी का नाम हटाया गया, जो जांच में गलत एवं भ्रामक पाया गया। आख्या में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि यह प्रमाण पत्र त्रुटिपूर्ण रूप से जारी हुआ है।
उन्होंने अवगत कराया है कि तहसीलदार हरिद्वार की आख्या के आधार पर उनके द्वारा उक्त उत्तरजीवि प्रमाण पत्र सं०- UK24ES070002872 दिनांक 14.11.2024 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र में गलत जानकारी प्रस्तुत करना गंभीर अपराध है, एवं ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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