श्रीरामलीला कमेटी द्वारा शबरी राम दर्शन, सुग्रीव मैत्री तथा बाली वध की लीला का मंचन, दिखाया कि भावनाएं पवित्र हों तो इच्छित फल की प्राप्ति होती हैं
हरिद्वार । सोमवार देर रात शहर की रामलीला की आयोजक श्रीरामलीला कमेटी ने शबरी राम दर्शन, सुग्रीव मैत्री तथा बाली वध की लीला का मंचन कर दिखाया कि भावनाएं पवित्र हों तो इच्छित फल की प्राप्ति होती है।श्रीरामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील भसीन, महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ तथा मुख्य दिग्दर्शक भगवत शर्मा के संयुक्त निर्देशन में रंगमंच से दर्शाया गया कि शबरी एक भील कन्या थी। वह मतंग ऋषि के आश्रम में निस्वार्थ भाव से सेवा करती थीं। शबरी को ऋषि ने आशीर्वाद दिया कि उसे दर्शन देने भगवान स्वयं उसके पास आएंगे। श्रीराम और लक्ष्मण स्वयं शबरी की कुटिया में पहुंचे। शबरी ने भगवान को बेर खिलाए और सुग्रीव से मिलने का मार्ग प्रशस्त किया। रुद्रावतारी हनुमान ने राम सुग्रीव की मैत्री कराई। राम ने सुग्रीव का राज्य वापस दिलाया तो सुग्रीव ने मां सीता का पता लगाने का आश्वासन दिया। श्रीरामलीला कमेटी ने अपने रंगमंच के माध्यम से बताया कि आपसी तारतम्य हो तो किसी भी बड़ी से बड़ी समस्या और संकट का समाधान निकल आता है। राम के रूप में साहिल मोदी, लक्ष्मण की पात्रता का निर्वाह कर रहे सुनील शर्मा, सुग्रीव के रूप में जितेंद्र खन्ना तथा बाली के रूप में शिवचरण सूद शामिल रहे। इस दौरान अध्यक्ष गंगा शरण मददगार, वीरेंद्र चड्डा, रविकांत अग्रवाल, रविंद्र अग्रवाल, डॉ संदीप कपूर, विनय सिंघल, रमन शर्मा, अनिल सखूजा, राहुल वशिष्ठ, पवन शर्मा, विशाल गोस्वामी, ऋषभ मल्होत्रा, वीरेंद्र गोस्वामी, मयंक मूर्ति भट्ट, मनोज वेदी, सुरेंद्र अरोड़ा तथा दर्पण चड्ढा आदि शामिल रहे।

