प्रत्याशियों की सूची को लेकर भाजपा और कांग्रेस में पहले आप की स्थिति, रविवार को भी जारी नहीं हो सकी है दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों की सूची, कांग्रेस में कई सीटों पर हरीश रावत और प्रीतम सिंह खेमे के बीच बनी है खींचतान
देहरादून। प्रत्याशियों की सूची जारी करने में कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले आप की स्थिति बनी हुई हैं। लिहाजा तैयार सूची जारी होने में कुछ समय लग रहा है। वैसे कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आज नहीं तो कल यानि सोमवार को प्रत्याशियों की पहली सूची जरूर जारी हो जाएगी। मात्र कुछ सीटों पर सहमति बनना शेष है । कांग्रेस की ओर से जो जानकारी मिल रही है उसमें करीब 45 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर सहमति बन चुकी है । लेकिन 25 सीटों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। विशेषकर हरिद्वार जिले की 8 सीटों को लेकर काफी जद्दोजहद हो रही है । इनमें से 7 सीटों पर हरीश रावत और प्रीतम सिंह के बीच प्रत्याशियों को लेकर काफी तल्खी है। इस बीच जानकारी यह भी मिल रही है कि प्रीतम सिंह किसी भी सूरत में यशपाल राणा और डॉ संजय पालीवाल को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। जिस कारण हरिद्वार जिले में कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन के दौरान जातीय समीकरण फिट नहीं बैठ पा रहा है। जातीय समीकरण फिट करने में कहीं ना कहीं हरीश रावत की पुत्री अनुपमा रावत और उनके पुत्र वीरेंद्र रावत की दावेदारी भी आड़े आ रही है। इसमें साफ है कि यदि कांग्रेस सैनी, चौहान और गुर्जर को टिकट देती है तो मुस्लिम को दो ही टिकट मिल पाएंगे। यदि वर्ष 2017 का चुनाव कम वोटों से हारे हाजी तस्लीम को वर्ष 2022 में अवसर दिया जाता है तो निश्चित रूप से सैनी, चौहान या गुर्जर में से किसी एक को टिकट नहीं मिलेगा। जो कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ठीक नहीं रहेगा। जानकारी यह भी मिली है कि तीनों मौजूदा विधायकों के अलावा हरिद्वार से सतपाल ब्रह्मचारी का टिकट लगभग फाइनल है । इसके बाद ज्वालापुर सीट पर एसपी सिंह और झबरेड़ा सीट पर राजपाल सिंह की स्थिति काफी मजबूत है। वैसे केंद्रीय चुनाव समिति को जो नाम भेजे गए हैं उसमें ज्वालापुर सीट से एसपी सिंह के साथ ही एक दो नाम और भी जोड़े गए हैं जबकि झबरेड़ा विधानसभा सीट पर राजपाल सिंह के अलावा वीरेंद्र जाती का नाम भी केंद्रीय चुनाव समिति को गया है। खुद कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत देख रहे हैं कि कैसे जातीय संतुलन बैठाया जाए और पिछले 5 साल से विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय दावेदारों को मौका दिया जाए। इसके लिए कोई ना कोई फामूर्ला अगले कुछ घंटों में निकलने की उम्मीद उनके द्वारा जताई जा रही हैं।इस बीच कांग्रेस खेमे में संभावित प्रत्याशियों के नामों को लेकर खूब चर्चा हो रही है जिसमें रुड़की से रजनीश शर्मा, यशपाल , देवेंद्र प्रताप सैनी, सचिन गुप्ता रश्मि चौधरी के साथ ही एक समीकरण के तहत साहब सिंह का सैनी का नाम भी चर्चा में है। जबकि खानपुर सीट से सुभाष चौधरी, सुभाष वर्मा और एक समीकरण के तहत वीरेंद्र रावत का नाम प्रभावी ढंग से चर्चा में बना हुआ है इस दौरान लक्सर सीट पर हाजी तस्लीम के अलावा संजय सैनी,अंतरिक्ष सैनी विजेंद्र चौधरी कुशल पाल सिंह के नाम को लेकर चचार्एं हो रही हैं। हरिद्वार ग्रामीण सीट से अनुपमा रावत का नाम फाइनल माना जा रहा है इसके बाद भी कुछ नामों को लेकर बड़ी चर्चा है।रानीपुर विधानसभा सीट पर राजवीर चौहान डॉक्टर संजय पालीवाल के अलावा भी कुछ नाम चर्चा में है। वहीं भाजपा की ओर से सूची लगभग तैयार है। जिसमें मौजूदा विधायकों के टिकट फाइनल है। मात्र इसमें रद्दोबदल यह हो रही है कि झबरेड़ा विधानसभा सीट पर विधायक देशराज कर्णवाल की बजाय उनकी पत्नी वैजयंती माला को चुनाव लड़ाए जाने की तैयारी हो रही है। जबकि ऐसा ही खानपुर विधानसभा सीट के बारे में कहा जा रहा है कि वहां पर कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की बजाय उनकी पत्नी रानी देवयानी को भाजपा चुनाव लड़ाने जा रही हैं । रही बात मंगलौर विधान सभा पर यहां किसी जाट नेता को मैदान में उतारा जाना है। जबकि पिरान कलियर सीट पर सैनी नेता की दावेदारी पक्का है।भगवानपुर सीट पर मास्टर सत्यपाल सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। बहरहाल सूची में देरी से प्रत्याशियों की इंतजार बढ़ रही है। वहीं समर्थक भी बेचैन है। हेलो वहां से किसका टिकट होने जा रहा है। एक दूसरे को फोन कर यही जानकारी ले रहे हैं।



