भारतीय संस्कृति की पहचान हैं दंगल: प्रोफेसर देवेन्द्र प्रताप सैनी, मंगलोर के पीरपुरा गांव में दंगल का आयोजन, पहलवानों ने दिखाया दमखम
मंगलौर । रविवार को मंगलौर के पीरपुरा गांव में दो दिवसीय दंगल का आयोजन किया गया। दंगल प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि कांग्रेस रिसर्च विभाग के चैयरमेन प्रोफेसर देवेन्द्र प्रताप सैनी ने फीता काटकर किया। अन्य क्षेत्रों को आए पहलवानों ने दंगल में दमखम दिखाया। विजेता पहलवानों को मुख्य अतिथि से ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रोफेसर देवेन्द्र प्रताप सैनी ने कहा कि दंगल देश की संस्कृृति से जुड़ा अति प्राचीन खेल है। इस खेल को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास करना चाहिए। भारत देश में खेल कूद एक ऐसी कला हैं जिसके जरिए हम अपना मनोरंजन भी कर सकते हैं साथ में हम अपने आपको स्वस्थ रख सकते हैं और अपने जीवन का लाभ उठा सकते है कुछ लोग मनोरंजन के साथ रूपये भी कमाते है ये उनकी योग्यता पर निर्भर करता हैं। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। खेलकूद में आज ग्रामीण अंचल के युवा हो या महिला विश्व स्तर पर अपना जलवा बिखरे रहे हैं। इस मौके पर अशोक खलीफा, बाल्लू खलीफा, गोपाली पहलवान, मासूम पहलवान, मुंतजिर पहलवान, इंतजार पहलवान, राजू इमली, मुसर्रत खलीफा, राजीव गर्ग, तबरेज आलम, तनवीर, सलमान, आलिम, कादिर आदि मौजूद रहे।

