मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी का दुर्गा अष्टमी-शस्त्र पूजन कार्यक्रम, कहा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों के लिए महिलाओं को प्रेरित करना उद्देश्य
हरिद्वार । विश्व हिंदू परिषद के सर्वाधिक महत्वपूर्ण आयाम मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी का हरिद्वार के प्रखंड फेरुपुर में शक्ति साधना केंद्र पंजनहेड़ी में दुर्गाष्टमी आराधना और शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद की प्रांत उपाध्यक्षा संध्या कौशिक ने संगठन के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों के लिए महिलाओं को प्रेरित करना और उन्हें शारीरिक, मानसिक रूप से प्रबल बनाना हैं। दुर्गावाहिनी की प्रांत संयोजिका नीलम त्रिपाठी ने कहा कि हमें मातृशक्ति-दुर्गावाहिनी के माध्यम से हिंदू समाज को जागृत करते हुए राष्ट्र की सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए। उन्होंने माताओं एवं बहनों को धर्म के प्रति प्रेरित किया और सभी से हिन्दू धर्म के अनुसार आचरण करते हुए परिवार में धार्मिक माहौल उत्पन्न करने का आह्वान किया। नीलम कहा हम सभी माताओं-बहनों को यह प्रबल इच्छा रखनी होगी कि हमारी संतान अवश्य ही राष्ट्रभक्त और धर्मरक्षक हो। विहिप मातृशक्ति विभाग की प्रांत संयोजिका नीता कपूर ने कहा कि विहिप संपूर्ण विश्व में हिंदुओं को जागृत कर उन्हें एकत्रित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इस कार्य में मातृशक्ति की अहम भूमिका हैं। शिवांगी चौहान जिला सह संयोजिका दुर्गावाहिनी ने प्रखंड संयोजिकाओं को अपने प्रखंड में महिलाओं को संगठन से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि समाज निर्माण का कार्य महिलाओं को ही करना है। महिलाओं की उदासीनता एवं जागरूकता के अभाव के कारण समाज में होने वाले सामूहिक कार्यक्रम एवं समारोह में पुरुषों की संख्या ही सर्वाधिक होती है। बैठक में प्रत्येक प्रखंड में शक्ति साधना केंद्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कावेरी चौहान, बीना देवी, रुकमणि चौहान, चमनी देवी, गीता देवी, रोशनी देवी, उमा देवी, नीतू चौहान, संजना, वंशिका, शिल्पा, प्रिया, जया, पलक, श्रेया, रिया, वाशु, परी आदि शामिल रही।

