केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक रूड़की में शिक्षक पर्व समारोह का आयोजन
रुड़की । शिक्षक पर्व 5 सितंबर, 2021 से 17 सितंबर तक वर्चुअल मोड के माध्यम से मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रतिदिन शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया जाना है । वेबिनार के विषय को नौ उप-विषयों में विभाजित किया गया है और आज का विषय था-शिक्षा में तकनीक ( राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षिक वास्तुकला)|
शिक्षा वास्तुकला को शिक्षा के लिए एक डिजिटल बुनियादी ढांचे के रूप में देखा जा रहा है जो न केवल केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में बल्कि निजी क्षेत्र, गैर-लाभकारी और प्रौद्योगिकी इकाइयों सहित पूरे शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में नवाचार और प्रयोग के माध्यम से देश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करेगा। यह भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा है और यह छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासकों के लिए जीवन को आसान बनाने का प्रयास करता है।महामारी के दौरान सीखे गए सबक को नई शिक्षा नीति में समाहित किया गया है जो कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने में सक्षम बनाएंगे।शिक्षा और इसके आधुनिकीकरण को शिक्षा में असमानता को मिटाने में एक प्रमुख भूमिका निभाने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में सभी शिक्षको ऑनलाइन उपस्थित रहे ।
केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक रूड़की में शिक्षक पर्व के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ऊपर द्विभाषी प्रश्नोत्तरी ऑनलाइन माध्यम से कराया गया जिसमे सीबीएसई से सम्बद्ध सभी विद्यालय, तथा उत्तराखंड राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों एवं स्थानीय सभी विद्यालयों में भेजा गया जिसमे अभी तक करीब 760 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया है |राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ऊपर एक वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसमे रूडकी क्लस्टर के अंतर्गत आनेवाले 6 केंद्रीय विद्यालयों ने प्रतिभाग किया । कुल मिलाकर 80 प्राचार्यों तथा शिक्षकों ने इसमें प्रतिभाग किया|
शिक्षक पर्व के अंतर्गत आज केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक-रूड़की में भारत विकास परिषद् के सौजन्य से गुरु वंदन तथा छात्र अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, साहित्य , कला एवं खेलकूद में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को तथा अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होनेवाले शिक्षकों में रजनी जोशी, श्रीमती विद्योत्मा मिश्रा, एस एस रावत, प्रवेश कुमार, देबी सिंह, राखी दायमा एवं पूनम कुमारी थी।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ऊपर व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमे प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण, प्रोफ़ेसर सत्येन्द्र मित्तल (आईआईटी रूड़की), डॉ संगीता सिंह (प्रोफ़ेसर एसडी डिग्री कॉलेज, रूड़की) डॉ गोपाल नारसन ने अपने विचारों से अवगत कराया, जिसमे शिक्षकों एवं छात्रों के साथ रूड़की के जाने माने प्रबुद्ध लोगों ने शिरकत की । अपने व्याख्यान में प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण ने कहा की नई शिक्षा नीति की सबसे खूबसूरत बात यह है की प्राथमिक शिक्षा को अपनी मातृभाषा में करने का प्रावधान है। अपने संबोधन में प्राचार्य वी के त्यागी ने कहा कि भारत सरकार 5 सितम्बर से 17 सितम्बर तक शिक्षक पर्व मना रही है, जिसके अंतर्गत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उपस्थित सभी शिक्षाविद ने नई शिक्षा नीति के ऊपर अपने विचार रखे, जो कि शिक्षकों एवं छात्रों दोनों के लिए लाभप्रद है।



