जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय से नाराज हुए संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद, 44 दिन गुजरने के बाद अनशरत संत की सुध लेने से दिखे नाराज
हरिद्वार । गंगा रक्षा को लेकर अनशनरत मातृसदन के संत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन तुड़वाने पहुंचे जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय को संस्था के अध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती की नाराजगी झेलनी पड़ी। 44 दिन गुजरने के बाद अनशरत संत की सुध लेने से नाराज दिखे स्वामी शिवानंद सरस्वती ने जिलाधिकारी के अनशन खत्म कराने के आग्रह को सिरे से नकार दिया। जिलाधिकारी के सकारात्मक रुख अपनाने के बाद अनशरत संत ने शहद युक्त जल जरूर ग्रहण कर लिया। जिलाधिकारी ने स्वामी शिवानंद से कुंभ क्षेत्र में खनन न होने को लेकर आश्वासन देने के साथ उनकी अन्य मांगों के संबंध में शासन से पत्राचार करने का भरोसा दिलाया। पिछले 44 दिन से मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद अनशनरत हैं। कुंभ क्षेत्र में खनन, बांध परियोजनाएं के विरोध और गंगा संरक्षण को लेकर उनका अनशन चल रहा है। पिछले दो दिन से उन्होंने शहद युक्त जल भी त्याग दिया था। यह जानकारी मिलने पर गुरुवार को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय एवं एसएसपी डॉ योगेंद्र सिंह रावत की अगुवाई में प्रशासनिक अमला मातृसदन पहुंचा। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय के अनशन खत्म करने के आग्रह को संस्था अध्यक्ष ने नकार दिया। संस्था प्रमुख ने डीएम के इतने दिन बाद संत की सुध लेने को लेकर जब सवाल किया तब डीएम ने व्यस्तता का हवाला दिया। करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद डीएम के सकारत्मक रवैये को देखते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती अनशनरत संत के शहद युक्त जल लेने की बात पर सहमत हो गए। मातृसदन प्रमुख ने कहा कि जब तक उनकी हर मांग मान नहीं ली जाती है, तब तक संत का अनशन जारी रहेगा। स्वामी शिवानंद ने बताया कि डीएम ने खनन न होने का भरोसा दिलाया है। अन्य मांगों के संबंध में शासन को पत्राचार करने की बात भी डीएम ने कही है। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने पूछने पर बताया कि संस्था प्रमुख से वार्ता हुई है। उनकी मांगों के संबंध में शासन से पत्राचार किया जा रहा है। इस दौरान एडीएम वीर सिंह बुद्धियाल, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह समेत पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे।

