अष्टमी में महागौरी की पूजा के साथ घर-घर किया कन्या पूजन, कन्याओं का तिलक कर भोजन ग्रहण करवाने के बाद चुनरी, उपहार व वस्त्र भेंट किए
हरिद्वार । शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा की आठवीं शक्ति माता महागौरी की उपासना के साथ ही घर घर कन्याओं का पूजन किया गया। कन्याओं को विशेष उपहार भी दिए गए। लोगों ने अपने घर बुलाकर कन्याओं का पूजन कराया। अष्टमी के मौके पर लोगों ने मां मनसा देवी जाकर सुबह पूजन किया। बाद में कन्याओं का पूजन भी घरों में किया। कई आश्रमों में भी पूजन किया गया। कल गुरुवार को नवमीं का पूजन किया गया। शास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि माता महागौरी को शिवा भी कहा जाता है। इनके हाथ में दुर्गा शक्ति का प्रतीक त्रिशूल है तो दूसरे हाथ में भगवान शिव का प्रतीक डमरू है। अपने सांसारिक रूप में महागौरी उज्ज्वल, कोमल, श्वेत वर्णी तथा श्वेत वस्त्रधारी और चतुर्भुजा हैं। इनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू है तो तीसरा हाथ वरमुद्रा में हैं और चौथा हाथ एक गृहस्थ महिला की शक्ति को दर्शाता हुआ है। महागौरी को गायन और संगीत बहुत पसंद है। ये सफेद वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं। इनके समस्त आभूषण आदि भी श्वेत हैं।



