किसानों को सरकार राहत देने के बजाए बिजली बिलों और बैंकों के चक्रवर्ती ब्याज लगाकर उत्पीड़न कर रही: विकास सैनी, भाकियू क्रांति ने डीएम कार्यालय पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया

हरिद्वार । भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) ने कहा कि किसानों को सरकार राहत देने के बजाय बिजली बिलों और बैंकों के चक्रवर्ती ब्याज लगाकर उत्पीड़न करने में लगी है। आगामी विधानसभा चुनाव में किसान सरकार को जवाब देगी। सोमवार को यूनियन से जुड़े किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय रोशनाबाद में सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को 18 सूत्रीय मांग पत्र भेजा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों पर थोपे गए तीन कृषि कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए। किसानों ने कहा कि सरकार ने 70 प्रतिशत कर्मचारी स्थानीय रखने की घोषणा की थी लेकिन उद्यमी इस घोषणा की धज्जियां उड़ा रहे हैं। यूनियन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसान एक्सीडेंटल मृत्यु होने पर उत्तराखंड में बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये किसान के परिवार को मिलने समेत 18 सूत्रीय मांग पत्र है। भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने कहा कि हरिद्वार जिले में बिजली, चकबंदी दस्तावेज और बैंकों ने किसानों पर चक्रवर्ती ब्याज लगाकर उत्पीड़न किया है। सरकार को उद्योगपतियों की तर्ज पर किसान हित में बड़ा राहत पैकेज जारी करना चाहिए। जिलाध्यक्ष जसवीर सिंह ने कहा कि ब्लॉक भगवानपुर में राशन डीलरों ने राशन वितरण में धांधली की है। गरीबी रेखा से नीचे वाले राशन कार्ड पात्र लोगों के ना बनाकर अपात्र के बनाए जा रहे हैं।सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण योजना का लाभ पात्र लोग नहीं उठा पा रहे हैं। डीजल व पेट्रोल के दाम कम नहीं हो रहे है।धरना-प्रदर्शन में जिला सचिव आशीष, बहादराबाद ब्लॉक अध्यक्ष संदीप कुमार, ब्लॉक उपाध्यक्ष वीर सिंह, ब्लॉक सचिव वेद पाल, तहसील अध्यक्ष छोटन, भगवानपुर ब्लॉक अध्यक्ष ललित कुमार आदि मौजूद रहे।

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