हिंदी पूरे विश्व की सबसे सरल भाषा: डॉ. चिन्मय पांडे, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान में हिंदी दिवस पर हुआ भव्य कार्यक्रम
रुड़की । राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की के हिंदी सप्ताह समापन समारोह के मुख्य अतिथि देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पांडेय ने स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार शशि कुमार सैनी को राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान की वार्षिक पत्रिका जल चेतना तथा पत्रिका पर वाहिनी में गैर तकनीकी तथा उत्कृष्ट लेख राष्ट्रीय विकास में साहित्य का योगदान तथा नीम का पेड़ कहानी एवं जल संरक्षन वर्तमान आवश्यकता नामक लेख के लिए तृतीय पुरस्कार से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉक्टर चिन्मय पांडे ने कहा कि हिंदी समूचे राष्ट्र कि नहीं बल्कि पूरे विश्व की सबसे सरल भाषा है उन्होंने हिंदी भाषा को सभी सरकारी तथा गैर सरकारी कार्यों में उपयोग के साथ-साथ उसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए सार्थक प्रयासों की आवश्यकता है। इस मौके पर संस्थान के निदेशक डॉक्टर जय भी त्यागी ने कहा कि वर्ष 1975 में राजभाषा विभाग की स्थापना की गई थी और तब से अब तक संस्थान लगातार राज्य के कार्यों में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष दर्जनों प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ साथ तकनीकी एवं गैर तकनीकी लेखों के माध्यम से भी हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी का दायित्व है कि भाषा विचारों की अभिव्यक्ति का सबसे सरल और सशक्त माध्यम है भाषा में एक रिश्ता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हिंदी भाषा की खासियत है कि वह सबसे आसान भाषा है उन्होंने कहा कि कोविड-19 बीमारी के चलते भी संस्थान में समय-समय पर हिंदी भाषा के कार्यक्रमों तथा प्रतियोगिताओं का आयोजन करने के साथ-साथ सभी वैज्ञानिकों को भी हिंदी में कार्य करने को प्रेरित किया है। डॉ पुष्पेंद्र सिंह वैज्ञानिक हिंदी राजभाषा पर प्रभारी वैज्ञानिक डॉ मनोहर अरोड़ा, दौलत राम, वैज्ञानिक यतवीर सैनी, डॉक्टर आर डी सिंह, वैज्ञानिक ओंकार सिंह, वैज्ञानिक पीके उनियाल, डॉक्टर गोपाल सिंह, वैज्ञानिक पीके सिंह, रामकुमार वर्मा, पवन शर्मा, डॉ मनमोहन गोयल, वैज्ञानिक दिगंबर सिंह आदि उपस्थित थे। इस मौके पर विभाग के निर्णायक मंडल के डीएस मलिक, संजय जैन वैज्ञानिक आदि को भी स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
एसडी डिग्री कॉलेज में हिंदी दिवस-मेधावी छात्राओं को बांटी गई छात्रवृत्ति
रुड़की। एसडी डिग्री कॉलेज में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्चना मिश्रा व कार्यक्रम के मुख्य मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। एसडी डिग्री कॉलेज में हिंदी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई। महाविद्यालय प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा के द्वारा महाविद्यालय की 10 छात्राओं को स्वयं सिद्धा कल्याण कोष छात्रवृत्ति प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी रूप में उनकी शिक्षा में बंधक ना बने इसके लिए महाविद्यालय के निर्धन छात्र कल्याण कोष के अंतर्गत भी 19 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। महाविद्यालय की छात्रा कल्याण समिति के प्रयासों द्वारा स्वयं सिद्धा कल्याण कोष की स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी। इसे महाविद्यालय की प्रवक्ता वर्ग आर्थिक सहयोग से ही संचालित किया जाता है।
कार्यक्रम संयोजिका डॉ.सीमा राय ने कहा की प्रगतिवादी कवि नागार्जुन की कविताएं हिंदी साहित्य की विकास यात्रा में मील का पत्थर है। कार्यक्रम संयोजिका डॉ अंजू शर्मा ने वर्तमान में हिंदी की उपयोगिता महत्व तथा उसके उज्जवल भविष्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से आज तक हिंदी ने देश को एक सूत्र में बांधा है। हिंदी राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है हम सभी को हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा समाज को समृद्धि एवं आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर आत्मनिर्भर और भारत के निर्माण में हिंदी साहित्यकारों की भूमिका पर दिशा भिन्न प्रतियोगिता का अवलोकन भी किया गया। महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रगतिवादी कवि नागार्जुन की कविताओं का पाठ भी किया गया। इस अवसर पर हम वतन के साथ पर ऑनलाइन अनुच्छेद लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को परिणाम भी घोषित किया गया अपनी स्थापना से वर्तमान तक बालिका शिक्षा हेतु महाविद्यालय सदैव अग्रणी रहा। इस मौके पर डॉ.अनुपमा गर्ग, डॉ. अलका आर्य, डॉ. भारती शर्मा ,डॉ. कामना जैन, डॉ. किरण बाला, डॉ. अर्चना चौहान, अंजलि प्रसाद, डॉ. पारुल चड्ढा, डॉ.अंजू शर्माआदि महा विद्यालय की शिक्षिका एवं स्टाफ उपस्थित रहे।



