पुरानी पेंशन बहाली की मांग लेकर काले फीते बांध जताया विरोध

रुड़की। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय मोर्चा ने रुड़की में काला फीता बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि एक अक्टूबर 2005 को ही नई पेंशन योजना लागू की गई थी और आज इस दिन को काला दिवस के तौर पर मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक एवं अन्य विभाग के कर्मचारी लम्बे समय से आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी इस मांग को पूरी कर ही दम लेगा। जनवरी 2004 से पूर्व के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है उसके पश्चात जितने भी कर्मचारी नियुक्त हुए हैं उन्हें पुरानी पेंशन से वंचित कर दिया गया है। पुरानी पेंशन बहाल करवाने को लेकर शिक्षक-कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। एनएमओपीएस संगठन राज्य के मान्यता प्राप्त 70 कर्मचारी संगठनों के समर्थन से इस सामूहिक लड़ाई को लड़ रहा है। संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों का कहना है कि अपनी मांग को मनवाने के लिए हम चरणबद्ध तरीके से अपने आंदोलन चला रहे हैं। शुक्रवार को सभी शिक्षक-कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर नई पेंशन स्कीम का विरोध किया और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। जिलाध्यक्ष रोहित कुमार शर्मा का कहना है कि पुरानी पेंशन खत्म कर कर्मचारियों के साथ धोखा किया गया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन अविलंब बहाल करनी चाहिए। जिला महामंत्री शेखर चन्द्र जोशी ने कहा की विधानसभा चुनावों से पहले शिक्षक, कर्मचारियों की जायज मांग को पूरा करना चाहिए। रुड़की के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सिंचाई विभाग समेत कई विद्यालयों में नयी पेंशन व्यवस्था का विरोध किया गया।

पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई

लक्सर । शुक्रवार को राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने लक्सर में बैठक की। मोर्चा के जिलाध्यक्ष नवीन सैनी ने कहा कि वर्ष 2005 में 1 अक्तूबर को सरकार ने नई पेंशन योजना को लागू करने का निर्णय लिया था। जबकि नई योजना पूरी तरह से कर्मचारियों के विरोध में है। पुरानी योजना में सेवानिवृत्त के बाद कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित रहता था। परंतु नई स्कीम में सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारी के भविष्य को नजरअंदाज किया गया है। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उत्तम शर्मा ने कहा कि पेंशन की पुरानी व्यवस्था लागू कराना ही मोर्चा का उद्देश्य है। तब तक सरकार इसे लागू नहीं करती, तब तक मोर्चा का शांतिपूर्वक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 1 अक्तूबर को काला दिवस के रूप में भी मनाया। कहा कि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है,जबकि नई पेंशन योजना छलावे के सिवा कुछ नहीं है। जिला संयोजक विवेक सैनी, अरविंद कुमार, राजेंद्र सैनी, सुशील चौधरी, विजेंद्र पवार, सुनील पंवार, चरण सिंह, संदीप कपिल, आलोक कुमार, शत्रुजीत अमेठिया, प्रवीण जटराना,मुकेश कुमार, सतीश सैनी आदि ने भी विचार प्रकट किए।

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