बहादराबाद थाने में चल रहे बेटी अनुपमा रावत के धरना स्थल पर पहुंचे हरीश रावत, बोले- जरूरत पड़ी तो हरकी पैड़ी के सामने लेटकर प्राण त्याग दूंगा
बहादराबाद । पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अब भाजपा के दबाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों में दस्तक देकर उन्हें कांग्रेस छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, ताकि कांग्रेस को खत्म किया जा सके। कहा कि वह तानाशाही के खिलाफ निरंतर आवाज उठाएंगे। जरूरत पड़ी तो हरिद्वार हरकी पैड़ी के सामने लेटकर प्राण त्याग देंगे। यह बात उन्होंने बहादराबाद थाने में चल रही बेटी अनुपमा रावत के धरना स्थल में पहुंचने के बाद कही। शुक्रवार शाम को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बहादराबाद थाने में बेटी अनुपमा रावत के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक फर्जी मुकदमे वापस नहीं होंगे वह थाने से नहीं उठेंगे। हरीश रावत ने कहा कि अब यह लड़ाई अनुपमा कि नहीं पूरी कांग्रेस की है। अब चाहे देहरादून से कपड़े लाकर थाने में ही रहना पड़े, यही रहेंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वह बहुत दुखी हैं। हरिद्वार ग्रामीण की विधायक ने यह बीड़ा उठाया और विधायक गणों के साथ बहादराबाद थाने में जनता का हित रखते हुए धरने पर बैठ गई। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में राजनीति की लड़ाई विपक्ष के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि अन्य विरोधी पक्ष को भी साथ आना चाहिए। अगर वह चाहते हैं जिंदा रहें, तो उन सब लोगों के लिए यह लड़ाई बहुत जरूरी है। कहा कि यदि लड़ाई नहीं लड़ी गई तो फिर विपक्ष को पुलिस बोरे बिस्तरों में लपेट कर गंगा में बहा देंगे। विपक्ष खड़ा होना भूल जाएगा। कहा कि यह मामला लोकतंत्र की रक्षा का मामला है। उन्होंने कहा कि अगर विरोधी पक्ष के तौर पर गर्दन उठाकर चलना है। फिर यह लड़ाई ठीक है। पुलिस की कुछ कठिनाइयां होंगी। उन कठिनाइयों को समझने के लिए तैयार हैं। कहा कि पंचायत चुनाव में जीते हुए उम्मीदवार को हारा हुआ घोषित किया गया है।



