राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 96 स्थापना दिवस मनाया

रुड़की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शिवपुरम स्थित मैदान में संघ का स्थापना दिवस सोमपाल की अध्यक्षता में मनाया गया कार्यक्रम का प्रारंभ ध्वजारोहण उपरांत शस्त्र पूजन कर किया गया। इस अवसर पर संघ सेवकों द्वारा दंड प्रदर्शन पद विन्यास एवं समता प्रदर्शन किया दिलीप द्वारा एकल गीत ओ विजय के पर्व पोरस का प्रखर सूरज उगा दे। पार्थ के गांडीवधारी हाथ का कंपन छुड़ा दे। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पदम द्वारा कहां गया कि सद कर्मों की परीक्षा भगवान भी लेते हैं उन्होंने वीर सावरकर का उदरण देते हुए कहा जिस देश की सीमाएं तरुणो के लहू से तैयार होती है उस देश को कोई कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने भारत की परंपरा और संस्कृति के सघष रामायण काल से करते हुए कहा श्री राम ने संघर्ष किया श्री कृष्ण ने जन्म से संघर्ष किया धर्म की विजय हुई अफगानिस्तान 20 दिन का संघर्ष नहीं झेल पाया तथा आतंकवादी सत्ता पर काबिज हो गए। भारत हजारों वर्षों से विदेशी आक्रांताओ शक ,हूंण, कुशाण,मुगल ,अंग्रेजों से संघर्ष कर बलिदानी देता रहा ।भारतीय भारत को माता के रूप में मानते हैं तथा अपने को पृथ्वी का पुत्र यह मां, पुत्र का संबंध बड़ी से बड़ी बलिदानी देने से भी पीछे नहीं । विजयदशमी पर शक्ति की उपासना ,समाज को संगठित कर धर्म की विजय करने के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने देवी की उपासना की उपासना सिद्धि शक्ति प्राप्त होती है मां दुर्गे संगठित शक्ति का प्रतीक है और इसी शक्ति से महिषासुर, का वध किया विजयदशमी के पर्व पर स्वयं सेवकों को अपने मन की विकृति, काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह, ईर्ष्या, घृणा ,अभिमान को मारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा हमें पर्यावरण का दोहन करना चाहिए ना कि शोषण एक भारतीय को अपने भारतीय होने ,भारतीय संस्कृति और अपने प्रतीक चिन्ह पर गर्व होना चाहिए और अपना व्यक्तित्व निर्माण कर समाज और राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने के लिए कार्य करना चाहिए समाज सेवा द्वारा नर से नारायण की अौर बढ़ना चाहिए। वर्तमान समय वैचारिक क्रांति का है समाज का मनोबल गिराने का कार्य कुछ मीडिया द्वारा किया जा रहा है राष्ट्र विरोधी तत्वों से सावधान रहने की आवश्यकता है आज जागरण कर समाज को संगठित करना संगठन का मुख्य उद्देश्य है। सोमपाल अध्यक्षअंबेडकर कल्याण समाज समिति द्वारा कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र निर्माण के लिए सजग रहने चाहिए अपने और अपने परिवार की बुराइयों को दूर करना चाहिए इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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