छात्रवृत्ति घोटाले में रिटायर अधिकारी गिरफ्तार, दो फर्जी शिक्षण संस्थानों को साढ़े तीन करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति बांटने का हैं आरोप

हरिद्वार । करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने गुरुवार को रिटायर सहायक समाज कल्याण अधिकारी मुनीष कुमार त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी पर दो फर्जी शिक्षण संस्थानों को साढ़े तीन करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति बांटने का आरोप है। एसआईटी ने आरोपी अधिकारी को देहरादून के न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों को बांटी जाने वाली छात्रवृत्ति में करोड़ों का घोटाला हुआ था। एसआईटी अब तक कई शिक्षण संस्थान के स्वामियों, प्रबंधकों एवं कर्मचारियों से लेकर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसआईटी ने मानवभारती विश्व विद्यालय सोलन हिमाचल प्रदेश के खिलाफ भी छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में छात्रवृत्ति की धनराशि तीन करोड़, अड़सठ लाख छप्पन हजार, चार सौ पचास रुपये संस्थान एवं छात्रों के बैंक खातों में प्रदान करने का दावा किया गया था। जांच में मानव भारती विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार ने छात्रों का अपने विश्वविद्यालय से संबंधित न होने और इस पूरे प्रकरण के संबंध में कुछ भी पता होने से अनभिज्ञता प्रकट की थी। जांच में आया कि उनके विश्वविद्यविद्यालय के संबद्धता होने का फर्जी दावा करते हुए किरन इन्स्टीट्यूट ऑफ मैनजमैन्ट एण्ड टेक्नोलाजी के सुभाष पुत्र बाबूराम, उसकी पत्नी किरण देवी निवासीगण ग्राम पनियाला रुड़की हरिद्वार, मानव भारती विश्वविद्यालय एन पावर एकेडमी रानीपुर मोड़ के संचालक राहुल विश्नोई पुत्र केके विश्नोई निवासी मनीराम रोड ऋषिकेश एवं मानव भारती विश्वविद्यालय सोलन हिमाचल प्रदेश के संचालक अश्वनी टंडन पुत्र प्रकाश नारायण निवासी 166 आवास विकास थाना गंगनहर रुड़की के बैंक खातों में छात्रवृत्ति की रकम ट्रांसफर की गई है। इसी प्रकरण में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं उप परियोजना निदेशक निदेशालय जनजाति कल्याण देहरादून अनुराग शंखधर को पिछले माह गिरफ्तार किया जा चुका है।

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