दसवीं के छात्र ने आत्महत्या से पहले बयां किया दर्द, सुसाइड नोट में लिखा- प्रिय मां तुम सबसे अच्छी हो, पर मैं मजबूत नहीं, मुझे खेद है
फरीदाबाद । ग्रेटर फरीदाबाद स्थित डिस्कवरी सोसायटी की छत से रात एक दसवीं के छात्र ने कूदकर जान दे दी। छात्र ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमें उसने स्कूल प्रबंधन पर परेशान करने के आरोप और अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मृतक छात्र 16 वर्षीय गौरव (बदला हुआ नाम) डिस्कवरी सोसायटी में अपनी मां के साथ रहता था। वह डीपीएस ग्रेटर फरीदाबाद का छात्र था। उसकी मां इसी स्कूल में ललित कला की अध्यापिका है। मां ने शिकायत में कहा कि स्कूल के लड़के उनके बेटे को गे बुलाते थे। उनके बेटे को कई साल से परेशान किया जा रहा था। इस बारे में उन्होने स्कूल प्रबंधन को ईमेल से शिकायत दी थी। आरोप है प्रबंधन ने इस पर कार्रवाई नहीं की। मौखिक रूप से भी उन्होंने कई बार प्रबंधन से इस बारे में बात की लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। लगातार प्रताड़ना से गौरव डिप्रेशन में आ गया। दिल्ली से उसका इलाज चल रहा था। गौरव की मां का कहना है कि 23 फरवरी को उसकी विज्ञान की परीक्षा थी। उसने सवाल समझने के लिए हेड मिस्ट्रेस ममता गुप्ता से मदद मांगी। आरोप है ममता गुप्ता ने उसे डांटा और कहा कि वह बीमारी का फायदा उठा रहा है। दावा है कि ममता ने गौरव और उसकी मां को काफी भला बुरा कहा, गौरव यह देख रोने लगा। छात्र डिस्लेक्सिया का मरीज था। वह इतना घबरा गया कि अगले दिन स्कूल भी नहीं जाना चाहता था, लेकिन मां के काफी समझाने के बाद मान गया। साल 2006 में गौरव की मां का अपने पति के साथ तलाक हो गया था। तब वह दो महीने की गर्भवती थी।

उन्होंने अपने पिता के घर गौरव को जन्म दिया। इसके बाद से वह अकेले ही उसका पालन-पोषण कर रही थी। बृहस्पतिवार रात मां अपने पिता को दवाई देने उनके घर गई थी। गौरव ने 15 मंजिला सोसायटी की छत से रात करीब दस बजे छलांग लगा दी। सोसायटी निवासियों ने उसे सेक्टर आठ एक अस्पताल में भर्ती कराया और मां को फोन पर सूचना दी। डाक्टरों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया। घर से मिले सुसाइड नोट में गौरव ने लिखा है स्कूल प्रबंधन ने उसे मार दिया। उसने हेड मिस्ट्रेस ममता गुप्ता व अन्य को इसका जिम्मेदार बताया है। थाना बीपीटीपी प्रभारी अर्जुन देव ने बताया कि मृतक की मां की शिकायत व सुसाइड नोट के आधार पर ममता गुप्ता, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सुसाइट नोट को फारेंसिक जांच के लिए भिजवाया जाएगा। प्रिय मम्मा, आप दुनिया की सबसे अच्छी मां हो। मुझे खेद है कि मैं बहादुर नहीं बन सका। इस स्कूल ने मुझे मार डाला है। मैं इस नफरत भरी दुनिया में नहीं रह सकता। मैंने जीने की पूरी कोशिश की, लेकिन लगता है कि जिंदगी को कुछ और चाहिए। लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं, इस पर विश्वास न करें। आप सबसे अच्छी हो।परिवार को मेरी शारीरिक मनोदशा और मेरे साथ जो हुआ उसके बारे में बताना। कौन क्या कहते हैं परवाह मत करो। अगर मैं मर जाऊं तो अपने लिए एक नई नौकरी ढूंढ़ लेना। आप कलाकर हो इसे जारी रखना। आप फरिश्ता हैं, आपको इस जन्म में पाकर मैं धन्य हूं। मैं मजबूत नहीं हूं, मैं कमजोर हूं , मुझे खेद है…। गौरव की मां ने शिकायत में कहा, स्कूल में कुछ साथी बेटे को गे बुलाते थे। इस बारे में स्कूल प्रबंधन को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। मौखिक रूप से भी उन्होंने कई बार इस बारे में बात की लेकिन कोई फर्क नही पड़ा। हर बार अनसुना कर दिया। लगातार प्रताड़ना से गौरव डिप्रेशन में आ गया और फिलहाल उसका इलाज चल रहा था। लेकिन अब वो ही नहीं है।