भारतीय किसान यूनियन तोमर ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, तहसील प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, कहा घूसखोर अधिकारी किसानों को कर रहें हैं परेशान
भगवानपुर । तहसील दिवस पर किसानों ने उप जिलाधिकारी के कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
मंगलवार को तहसील दिवस में पहुंचे किसानों को पुलिस ने गेट पर रोक लिया। नाराज होकर भारतीय किसान यूनियन तोमर गुट ने उप जिलाधिकारी के कार्यालय का घेराव पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को घूसखोर अधिकारी परेशान कर रहे हैं। किसानों से खुलेआम अधिकारी रिश्वत मांग रहे हैं।
किसानों ने प्रदर्शन की सूचना पर जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय समस्या जानने पहुंचे। किसानों ने ज्ञापन देकर विभिन्न मांग की है। उन्होंने बुग्गावाला क्षेत्र में जंगल के पास लगे खेतो में जंगली जानवरों द्वारा लगतार नुकसान किया जा रहा है। जिसे किसानों को जान व माल दोनों का नुकसान होता है।

प्रशासन की और जानवरों की रोकथाम के लिए तारबाड़ की जाए और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाये।बताया कि बुग्गावाला क्षेत्र इस वर्ष वर्षा के कारण वर्षा एवं नदियों के द्वारा किये गए कटाव से किसानों को फसलों एवं पेड़ो को भरी नुकसान हुआ जिन किसानों को नुकसान हुआ है। उनको उचित मुआवजा शासन द्वारा दिया जाना चाहिए जहां नदी ने कटाव किया है। वहा विभाग द्वारा पुस्तों का निर्माण प्रमुखता के आधार पर किया जाए । ताकि खेतों में हो रहे कटाव को रोका जा सके। तहसीलदार भगवानपुर द्वारा जो ग्रामीणों से जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु 1985 के साक्ष्य मांगे जा रहे हैं। इससे आम जन मानस एवं विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है संगठन उसका पूर्ण विरोध करता है। तहसीलदार भगवानपुर सभी की परेशानी समझते हुए जाति प्रमाण पत्र निर्गत करें। ग्राम हसनावाला में कोई SC परिवार नहीं है। इस वर्ष 2021-22 में देखने में आया है की ग्राम हसनावाला में दो परिवार राजपाल पुत्र नगीना एवं रामकरण पुत्र नगीना को राजनितिक लाभ लेने के लिए SC बनाकर प्रधान मंत्री आवास योजना के मकान का लाभ दिया गया है। जिसकी जाँच की जाए । गन्ने का बकाया भुगतान तत्काल कराया जाये और गन्ने का भाव 450 /- रुपये प्रति कुंतल किया जाए। किसानों का बिजली बिल माफ किया जाए। इस मौके पर वीरेंद्र तेवतिया, संदीप, रामसिंह, मनोहर, राव फसात, भूपेंद्र चौहान, सफात अली, अंजू देवी, सचिन, आदेश, अंकित, मकसूद सबदर, मनव्वर आदि किसान मौजूद रहे।

