टिकट बंटते ही उत्तराखंड कांग्रेस में बगावत, नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया, राहुल गांधी के कार्यालय से पैसे मांगने का भी आरोप

देहरादून । कांग्रेस की पहली सूची जारी होते ही भाजपा की तरह बगावत के आसार पैदा हो गए। कई सीटों पर टिकट से चूके दावेदार चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। गढ़वाल में कर्णप्रयाग सीट पर राज्य निर्माण आंदोलन हरिकृष्ण भट्ट टिकट के प्रबल दावेदार थे। सहसपुर में आर्येंद्र के खिलाफ स्थानी आठ नेता खुले आम विद्रोह की चेतावनी दे चुके हैं। रायपुर सीट पर प्रभुलाल बहुगुणा पिछले काफी समय से तैयारी कर रहे थे। हाल में शामिल महेंद्र गुरू जी के समर्थकों को टिकट की उम्मीदें थी। कैंट और रायपुर सीट पर घमासान के हालात हैं। यमकेश्वर में ब्लॉक प्रमुख महेंद्र राणा प्रबल दावेदार थे, बाजपुर सीट पर, सुनिता बाजवा टम्टा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। लालकुआं में हरीश चंद्र दुर्गापाल, महेंद्र बोरा समेत कई नेता टिकट का दावा कर रहे हैं।
वहीं बागेश्वर विधानसभा सीट पर 2017 के चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे बालकृष्ण ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं बालकृष्ण ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कपकोट से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण पर उनका टिकट कटवाने का अरोप मढ़ा है। यही नहीं उन्होंने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की बात भी कही है। बालकृष्ण ने कहा है कि वे जनता के बीच जाकर पूछेंगे कि उनकी क्या गलती थी कि उनको टिकट नहीं दिया गया। बालकृष्ण ने टिकट की एवज में राहुल गांधी के कार्यालय से फोन पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है।

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