कम नहीं हो रही पंजाब कांग्रेस में तकरार, अब मनीष तिवारी ने हरीश रावत पर साधा निशाना, बोले- पार्टी के इतिहास में ऐसी कभी गटरछाप भाषा नहीं सुनी
नई दिल्ली । पंजाब कांग्रेस में आपसी तकरार कम होने का नाम नहीं ले रही है। देश ने पहले नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह की लड़ाई देखी। उसके बाद नए नवेले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से भी सिद्धू के मनमुटाव की खबरें खूब सुर्खियां बटोरी। अब पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रभारी हरीश रावत और पंजाब से ही राज्यसभा सांसद मनीष तिवारी आमने-सामने हैं। मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि पंजाब राज्य इकाई में अराजकता फैलाई जा रही है। आपको बता दें कि हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा हरीश चौधरी को पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत की जगह ली है।
मनीष तिवारी ने आज कहा, “हरीश रावत जी! मैं उन दिनों एनएसयूआई का नेतृत्व करता था जब आप कांग्रेस सेवादल का करते थे। मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान है। चूंकि आपने मुझे एक साक्षात्कार में संदर्भित किया है, इसलिए मैं आपको यह बात बताना चाहता हूं के 40 साल से अधिक समय में मैंने कांग्रेस में ऐसी अराजकता कभी नहीं देखी।” मनीष तिवारी ने आगे लिखा, ”पिछले 5 महीनों से यह पंजाब कांग्रेस बनाम पंजाब कांग्रेस की लड़ाई हो चुकी है। क्या हमें लगता है कि पंजाब के लोग इस डेली सोप ओपेरा से घृणा नहीं करते हैं?”
उन्होंने कहा, ”विडंबना यह है कि जिन लोगों ने सबसे अधिक उल्लंघन और विचलन की शिकायत की, वे दुर्भाग्य से स्वयं सबसे खराब अपराधी बने हुए हैं। इतिहास यह दर्ज करेगा कि समिति की नियुक्ति जिसने प्रत्यक्ष रूप से कथित और वास्तविक शिकायतों को सुना, उसमें निर्णय की एक गंभीर त्रुटि थी।”