किसानों की भूमि कंपनी से वापस दिलाई जाएगी, झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने अधिकारियों के साथ की बैठक

रुड़की । 23 वर्षों से एक कंपनी के कब्जे में चली आ रही किसानों की 18 बीघा भूमि कब्जा मुक्त करवाने के लिए झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्ता में कंपनी अधिकारियों से वार्ता की। मामले में कंपनी की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला।

झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने बताया कि ग्राम पंचायत लठारदेवा हुण व खानमपुर कुरसाली की लगभग 18 बीघा भूमि, जो वर्ष 2002 से एक कंपनी के कब्जे में थी, उसको ग्राम पंचायतों को वापस दिलाने की दिशा में कदम उठाते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार रुड़की,अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, अशाई ग्लास इंडिया के उच्च अधिकारियों एवं क्षेत्रीय ग्रामवासियों की उपस्थिति में बैठक की।

विधायक वीरेंद्र जाती ने बताया कि बैठक के दौरान कंपनी, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गहन चर्चा हुई जिसमें भूमि से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्ज़ा स्वीकार्य नहीं है, और इस भूमि को शीघ्र ही ग्राम पंचायतों के नाम दर्ज कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ाई जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि यह भूमि लंबे समय से कंपनी के कब्जे में होने के कारण ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में कठिनाई आ रही थी। ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रयास से अब गाँव के विकास और स्थानीय योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक के दौरान अशाई ग्लास इंडिया के प्रतिनिधियों ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए प्रशासन के साथ सहयोग करने का आश्वासन दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की ने कहा कि,“ग्राम पंचायतों की भूमि ग्रामीणों की साझा संपत्ति है और इस पर ग्राम पंचायत का पूर्ण अधिकार होना चाहिए।
प्रशासन का प्रयास है कि इस मामले का शीघ्र समाधान हो और ग्राम पंचायतों को उनकी भूमि वापस मिल सके। इस प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग मिलकर भूमि का माप, कागज़ात की जाँच और कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करेंगे। यह कदम न केवल ग्राम पंचायतों के अधिकारों की पुनर्स्थापना करेगा, बल्कि आने वाले समय में ग्रामीण विकास की कई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रशासन और ग्राम पंचायतों के संयुक्त प्रयास से यह भूमि शीघ्र ही पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने की संभावना है, जिससे गाँव के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अशोक चौधरी, सुरेश मास्टर, अमित कुमार, जगपाल, देशराज रामकुमार आदि उपस्थित रहे।

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