आंगन में खेल रही पांच वर्षीय बच्ची को तेंदुए ने मार डाला, क्षेत्रवासियों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग की, दो महीने पहले तेंदुए की शिकार बनी थी एक बच्ची
देहरादून । ग्राम पंचायत चोपड़ा के दांगड़ गांव में मंगलवार शाम आंगन में खेल रही पांच वर्षीय बच्ची को तेंदुए ने गंभीर रूप से घायल कर दिया। मासूम को परिजन हल्द्वानी ले जा रहे थे लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इधर क्षेत्रवासियों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। जानकारी के अनुसार चोपड़ा गांव निवासी मोहन सिंह की बेटी राखी उर्फ रेशमा (5) आंगन में खेल रही थी। शाम करीब छह बजे तेंदुआ उसे घसीटकर जंगल की ओर ले जाने लगा। बच्ची की चीख सुनकर परिजनों ने रेशमा को तेंदुए से छुड़ा लिया। गंभीर रूप से घायल मासूम को हल्द्वानी ले जाया गया है लेकिन उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। बीते दो महीने पूर्व में भी आम पड़ाव में एक बच्ची को तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था। इसके बाद लगाए गए पिंजरे में दो तेंदुए पकड़े गए थे। वहीं विभाग की ओर से अभी चोपड़ा गांव में एक पिंजरा 3 दिन पूर्व ही लगाया गया लेकिन मंगलवार को फिर से तेंदुए ने रेशमा पर हमला कर दिया।
जनप्रतिनिधियों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग की
ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हिमांशु पांडे, पूर्व प्रधान जीवन चंद्र ने दो महीने में तेंदुओं की ओर से दो बच्चियों पर हमला करने पर आक्रोश जताया है। कहा कि ग्रामीण लगातार तेंदुए को मारने की मांग कर रहे है लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वहीं ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, ग्राम प्रधान संगीता, रजनी रावत, हरगोविंद रावत, चंद्रशेखर भट्ट, शशि चनियाल, जिला पंचायत सदस्य लेखा भट्ट, गीता बिष्ट, एडवोकेट हरीश भट्ट आदि ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर उसके आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।

